प्रेमचंद की रचना का विश्लेषण

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25 Questions

लेखक कहते हैं कि समाज में कौन सी बुराई उभरकर आती है?

जाति प्रथा

लेखक किसे 'समाज में प्रचतलित जाति प्रथा' कहकर बता रहे हैं?

प्रेमचंद

क्या प्रेमचंद की रचनाएं समाज में सुधार लाने में सक्षम हैं?

हाँ, पूरी तरह से

लेखक किसे 'प्रोत्साहित' करना चाहते हैं?

पाठकों को

'प्रगतििशील और भत्वर्ष्योंमुखी' समाज कैसे होता है?

'पुरुषार्थ' समाज

कौन सा कारण था जिसकी वजह से बढ़ रहे थे तनावपूर्ण समस्याएँ?

आं कड़े इंद्रीय से

क्या चूहातक स्पि बोल रहे थे?

नहीं

पंसमि का किस भावनात्मक पहलू की चिंता थी?

नकारात्मक

किस अंदाज़े से काम चलाना पड़ा था?

किसी अन्य कारण से

िादाद किस प्रकार से उत्तेजना प्राणनािक हो सकती है?

मानसिक

चूहातक क्या कर रहे थे?

िुसिुसा रहे थे

िादाद की मदद से किस प्रकार से कुछ समस्याएं सुलझा सकती हैं?

समर्पित

चूहातक किस प्रकार से काम कर रहे थे?

कम परिभावों से

'िादाद के मामले में' का क्या मतलब है?

'प्रत्यक्ष मामले'

किस प्रकार की बातें चूहातक कर रहे थे?

शब्दों से कम परिभावों से

लेखक तथा सारसंध के बीच कौनसी संबंधित बात स्पष्ट करती है?

लेखक सारसंध के बच्चों का उत्थान नहीं करते

लेखक किस प्रकार के अनुभवों को सराहते हैं?

केवल उसके पश्चात्मा हित

लेखक का परिप्रेक्ष्य क्या है?

लेखक अपने पश्चात्मा हित में समर्थ होना

लेखक किस प्रकार के मनोवैज्ञानिक गुणधर्मों पर मुहर लगाते हैं?

केवल मानसिक समर्थता

लेखक किस प्रकार के समृद्धि मूल्यों की प्रशंसा करते हैं?

समस्त

मानव के गुण, प्रतिभा और तवज्जों की किस स्थिति में उन्होंने अवगुण समझे हैं?

आज की स्मस्थति में

किस साथी शब्द से प्रतिभा की प्रकटिा सुझाई गई है?

संस्कृति व तिक्षा

'अाँ कड़ों की उसमलतयाँ' से किसका क्रितिम परिप्रेक्षय होता है?

नतरीक ततक

किस मुहावरे से मानवीय गुणों की महत्ता प्रकट होती है?

समृद्धि के दौर में

'तनुरुहति' से किस पक्ष से संन्देहता का प्रकटिि होता है?

संन्देह होते हुए

Study Notes

समाज में बुराई

  • लेखक के अनुसार समाज में जाति प्रथा एक बड़ी बुराई है।
  • यह प्रथा समाज में फैलती है और सुधार लाने में बाधा आती है।

प्रेमचंद की रचनाएं

  • प्रेमचंद की रचनाएं समाज में सुधार लाने में सक्षम हैं।
  • इनकी रचनाओं से समाज में प्रचलित जाति प्रथा का पता चलता है।

प्रोत्साहित करना

  • लेखक प्रगतिशील और भारतीय समाज को प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
  • यह समाज तनावपूर्ण समस्याओं से मुक्त हो सकता है।

चूहातक स्पि

  • चूहातक स्पि के माध्यम से पंसमि के भावनात्मक पहलू की चिंता है।
  • इस चिंता से काम चलाना पड़ा था।

'िादाद की मदद से'

  • 'िादाद की मदद से' कुछ समस्याएं सुलझा सकती हैं।
  • चूहातक की मदद से काम कर रहे थे और समस्याओं का समाधान निकाला था।

लेखक का परिप्रेक्ष्य

  • लेखक का परिप्रेक्ष्य मानव के गुण, प्रतिभा और तवज्जों की प्रशंसा करता है।
  • यह मूल्यों की प्रशंसा करता है और मनोवैज्ञानिक गुणधर्मों पर मुहर लगाते हैं।

मानवीय गुणों की महत्ता

  • 'तनुरुहति' से मानवीय गुणों की महत्ता प्रकट होती है।
  • 'अाँ कड़ों की उसमलतयाँ' से मानवीय गुणों की महत्ता प्रकट होती है।

इस क्विज़ में, प्रेमचंद की रचनाओं के तहत समाज में होने वाले बदलावों और मानवात्मा के अधिकारों पर किए गए संकेतों का विश्लेषण किया जाएगा।

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