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Questions and Answers
निम्नलिखित को सुमेलित करें:
निम्नलिखित को सुमेलित करें:
धारा 13 = सामान्य कार्य घंटों, मध्यांतर, ओवरटाइम का निर्धारण धारा 14 = ओवरटाइम धारा 15 = सामान्य कार्य दिवस से कम काम करने वाले कर्मचारी धारा 16 = विभिन्न वर्गों के कार्य की मजदूरी
निम्नलिखित परिस्थितियों को सुमेलित करें जिनमें समुचित सरकार कर्मचारियों के लिए घंटों को तय करने में छूट दे सकती है।
निम्नलिखित परिस्थितियों को सुमेलित करें जिनमें समुचित सरकार कर्मचारियों के लिए घंटों को तय करने में छूट दे सकती है।
आपातकालीन स्थिति = अचानक उत्पन्न हुई अप्रत्याशित स्थिति प्रारंभिक या पूरक प्रकृति का कार्य = आरंभिक या अतिरिक्त कार्य अस्थायी रोजगार = सीमित अवधि के लिए काम प्राकृतिक शक्तियों पर निर्भर काम = मौसम या अन्य प्राकृतिक कारकों पर निर्भर कार्य
निम्नलिखित को सुमेलित करें (न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार):
निम्नलिखित को सुमेलित करें (न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार):
कारखानों में ओवरटाइम = फैक्ट्री अधिनियम की धारा 59 के अनुसार मजदूरी की दर दोगुनी सामान्य कार्य दिवस में छुट्टी = श्रमिकों को सात दिनों में एक छुट्टी का दिन दावे के लिए आवेदन = छह महीने के भीतर करना होगा न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान पर मुआवजा = कम भुगतान की गई राशि का 10 गुना तक
निम्नलिखित को सुमेलित करें (धारा 20 के अनुसार):
निम्नलिखित को सुमेलित करें (धारा 20 के अनुसार):
न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत नियमों से संबंधित निम्नलिखित को सुमेलित करें:
न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत नियमों से संबंधित निम्नलिखित को सुमेलित करें:
सामान्य कार्य घंटों के निर्धारण के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
सामान्य कार्य घंटों के निर्धारण के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
मजदूरी के भुगतान के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
मजदूरी के भुगतान के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
कर्मचारियों के अवैतनिक राशियों के भुगतान के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
कर्मचारियों के अवैतनिक राशियों के भुगतान के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
अनुसूची में परिवर्तन के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
अनुसूची में परिवर्तन के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
रजिस्टर और रिकॉर्ड के रखरखाव के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
रजिस्टर और रिकॉर्ड के रखरखाव के संबंध में निम्नलिखित को सुमेलित करें:
Flashcards
धारा 13 का सार?
धारा 13 का सार?
समुचित सरकार को सामान्य कार्य घंटे तय करने का अधिकार।
ओवरटाइम दर का निर्धारण?
ओवरटाइम दर का निर्धारण?
न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत ओवरटाइम दर कौन तय करता है?
फैक्ट्री अधिनियम में ओवरटाइम?
फैक्ट्री अधिनियम में ओवरटाइम?
कारखानों में ओवरटाइम की मजदूरी दर सामान्य दर से दोगुनी होती है।
घंटों में छूट की परिस्थितियाँ?
घंटों में छूट की परिस्थितियाँ?
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ओवरटाइम भुगतान की गणना?
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कम काम करने पर वेतन?
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विभिन्न कार्यों का वेतन?
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पीस वर्क में न्यूनतम वेतन?
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नियोक्ता के लिए रिकॉर्ड?
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दावे सुनने का अधिकार?
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दावे का मुआवजा?
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दावे के लिए आवेदन की समय सीमा?
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न्यूनतम वेतन से कम भुगतान पर दंड?
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कंपनी द्वारा अपराध?
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नियम बनाने का अधिकार?
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Study Notes
धारा 13: सामान्य कार्य घंटों, मध्यांतर, ओवरटाइम का निर्धारण
- न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार, उचित सरकार को निर्धारित रोजगारों के लिए सामान्य काम के घंटे, छुट्टियां, मध्यांतर और ओवरटाइम दरों को तय करने का अधिकार है।
- एक सामान्य कार्य दिवस में काम के घंटे सरकार द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, जिसमें भोजन के लिए अवकाश शामिल है।
- श्रमिकों को हर सात दिनों में एक छुट्टी का दिन मिलना चाहिए, जिसका निर्णय उचित सरकार द्वारा लिया जाता है।
- रविवार या छुट्टी के दिन काम करने पर श्रमिकों को ओवरटाइम दर पर भुगतान किया जाता है, जिसकी दर उचित सरकार तय करती है।
- कारखानों में ओवरटाइम के लिए, कारखाना अधिनियम की धारा 59 के तहत मजदूरी की दर दोगुनी होती है।
- कुछ विशेष परिस्थितियों में, उचित सरकार कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए घंटे तय करने में छूट दे सकती है, जैसे कि:
- आपातकालीन स्थिति
- प्रारंभिक या पूरक कार्य
- अस्थायी रोजगार
- तकनीकी कारणों से समय पर पूरा होने वाला कार्य
- प्राकृतिक शक्तियों पर निर्भर कार्य
धारा 14: ओवरटाइम
- यदि कोई कर्मचारी सामान्य काम के घंटों से अधिक काम करता है, तो उसे ओवरटाइम दर पर भुगतान किया जाना चाहिए।
- ओवरटाइम दर उचित सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है।
- कारखाना अधिनियम के तहत ओवरटाइम की दर सामान्य मजदूरी दर से दोगुनी है।
धारा 15: सामान्य कार्य दिवस से कम काम करने वाले कर्मचारी
- यदि कोई कर्मचारी सामान्य कार्य दिवस से कम काम करता है, तो भी उसे सामान्य दरों पर भुगतान किया जाना चाहिए।
- यदि कर्मचारी अपनी इच्छा से काम नहीं करता है, तो उसके वेतन में कटौती की जा सकती है।
धारा 16: विभिन्न वर्गों के कार्य की मजदूरी
- यदि कोई कर्मचारी एक से अधिक श्रेणी का कार्य करता है, तो उसे प्रत्येक श्रेणी के कार्य के लिए न्यूनतम वेतन दर के अनुसार भुगतान किया जाना चाहिए।
- पैकेजिंग के लिए न्यूनतम मजदूरी दर ₹300 प्रति घंटा और सफाई के लिए ₹200 प्रति घंटा है।
धारा 17: पीस वर्क के लिए न्यूनतम समय दर
- यदि किसी पीस वर्क यानी मात्रा अनुपाती रोजगार में न्यूनतम वेतन दर तय नहीं की गई है, तो कर्मचारी को न्यूनतम समय दर के अनुसार भुगतान किया जाना चाहिए।
- यदि आधे घंटे काम करते हैं, तो ₹300 प्रति घंटा के हिसाब से वेतन दिया जाएगा।
- इसे गारंटीड मिनिमम वेजेस कहते हैं।
धारा 18: रजिस्टर और रिकॉर्ड का रखरखाव
- नियोक्ता को कर्मचारियों के वेतन, काम के घंटे और अन्य विवरणों का रिकॉर्ड रखना चाहिए।
- नियोक्ता को मजदूरी पुस्तकें या मजदूरी पर्चियां भी बनानी चाहिए।
- रिकॉर्ड निरीक्षण के लिए उपलब्ध होने चाहिए।
धारा 20: दावे
- यदि किसी कर्मचारी को न्यूनतम वेतन से कम भुगतान किया जाता है, तो वह दावे के लिए आवेदन कर सकता है।
- दावे के लिए आवेदन छह महीने के भीतर करना होगा।
- उचित सरकार दावे सुनने के लिए एक प्राधिकारी नियुक्त कर सकती है।
- प्राधिकारी नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को सुनने के बाद निर्णय देगा।
- यदि दावा सही पाया जाता है, तो नियोक्ता को कम भुगतान की गई राशि का 10 गुना तक मुआवजा देना पड़ सकता है।
- कर्मचारी किसी कानूनी व्यवसायी, ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि या निरीक्षक को अपने दावे के लिए नियुक्त कर सकता है।
- यदि दावा दुर्भावनापूर्ण पाया जाता है, तो कर्मचारी को नियोक्ता को ₹50 का जुर्माना देना पड़ सकता है।
धारा 21: कई कर्मचारियों के संबंध में एकल आवेदन
- कई कर्मचारी एक साथ दावे के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- इन सभी कर्मचारियों का मुआवजा मिलाकर दिया जाएगा।
धारा 22: दंड
- यदि कोई नियोक्ता न्यूनतम वेतन से कम भुगतान करता है, तो उसे छह महीने तक की कैद या ₹500 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
धारा 22A: अन्य अपराध
- यदि कोई नियोक्ता कोई अन्य अपराध करता है, तो उसे ₹500 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
अपराधों का संज्ञान
- न्यायालय केवल निरीक्षक द्वारा अनुमोदित शिकायत पर ही संज्ञान ले सकता है।
- धारा 22 के तहत शिकायत अनुमोदन के एक महीने के भीतर दर्ज की जानी चाहिए।
- एक कर्मचारी की कंपनी में शिकायत, कंपनी या फैक्ट्री को भी, कर्मचारी के साथ अभियुक्त करेगी।
धारा 22C: कंपनी द्वारा अपराध
- यदि कोई कंपनी अपराध करती है, तो कंपनी और जिम्मेदार व्यक्ति दोनों को दोषी माना जाएगा।
धारा 22D: अवैतनिक राशियों का भुगतान
- यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है या वह अनुपलब्ध है, तो उसकी अवैतनिक राशि प्राधिकारी के पास जमा की जाएगी।
धारा 22E: मजदूरी का भुगतान
- मजदूरी भुगतान अधिनियम के प्रावधान अनुसूची में उल्लिखित रोजगारों पर भी लागू होंगे।
- वेतन को पेमेंट ऑफ़ वेजेस एक्ट के अनुसार करना है।
- पेमेंट ऑफ़ वेजेस एक्ट के अनुसार ही निर्धारित होगा कि एप्लीकेशन कब सबमिट करनी है, और कैसे करनी है।
छूट
- उचित सरकार किसी प्रतिष्ठान को अधिनियम के प्रावधानों से छूट दे सकती है यदि उसके पास बेहतर प्रावधान हैं।
अनुसूची में परिवर्तन
- राज्य सरकार को अनुसूची में किसी भी उद्योग को जोड़ने या हटाने का अधिकार है।
- कम से कम तीन महीने का नोटिस देना होगा।
केंद्र सरकार की शक्ति
- केंद्र सरकार के पास राज्य सरकार को निर्देश देने का अधिकार है कि कानून को ठीक से लागू किया जाए।
नियम बनाने का अधिकार
- केंद्र सरकार के पास नियम बनाने का अधिकार है।
- नियम पार्लियामेंट में दिखाना पड़ेगा, और स्टेट गवर्नमेंट के नियम राज्य के पार्लियामेंट में दिखाना पड़ेगा।
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