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Questions and Answers
असम्यक असर सिद्ध करने के लिए न्यायालय को किन दो बातों पर विचार करना चाहिए?
असम्यक असर सिद्ध करने के लिए न्यायालय को किन दो बातों पर विचार करना चाहिए?
- दान की मात्रा और सामग्री की वैधता
- दानग्रहीता और दाता के संबंध व दानग्रहीता का लाभ उठाना (correct)
- दानग्रहीता की आर्थिक स्थिति और दाता की इच्छा
- दानग्रहीता का शैक्षणिक स्तर और दाता का अनुभव
किस स्थिति में असम्यक असर सिद्ध करने का भार उस व्यक्ति पर होगा जो दाता की इच्छा को भासित करने की स्थिति में था?
किस स्थिति में असम्यक असर सिद्ध करने का भार उस व्यक्ति पर होगा जो दाता की इच्छा को भासित करने की स्थिति में था?
- जब दाता समृद्ध व्यक्ति हो
- जब दान مستقिम हो
- जब संव्यवहार अन्तःकरणे के विरुद्ध हो (correct)
- जब संविदा पारस्परिक हो
पर्दानशीन स्त्री का संरक्षण विधि द्वारा क्यों प्रदान किया जाता है?
पर्दानशीन स्त्री का संरक्षण विधि द्वारा क्यों प्रदान किया जाता है?
- क्योंकि वे संविदा की प्रकृति साझा नहीं कर सकती
- क्योंकि वे समाज की अदृश्यता में जीवन बिताती हैं (correct)
- क्योंकि वे धार्मिक मान्यताओं का पालन करती हैं
- क्योंकि वे समाज में सक्रिय रूप से भाग नहीं लेती
पर्दानशीन स्त्री के संदर्भ में, उस पर कौन-सा भार होता है जब कोई व्यक्ति उससे संविदा करता है?
पर्दानशीन स्त्री के संदर्भ में, उस पर कौन-सा भार होता है जब कोई व्यक्ति उससे संविदा करता है?
पर्दानशीन स्त्री की व्याख्या के अनुसार, केवल किस आधार पर एक स्त्री पर्दानशीन नहीं कहलाएगी?
पर्दानशीन स्त्री की व्याख्या के अनुसार, केवल किस आधार पर एक स्त्री पर्दानशीन नहीं कहलाएगी?
जब किसी व्यक्ति ने वादी की देख-रेख में लाभ उठाया, तो उस स्थिति में क्या स्थापित किया जाता है?
जब किसी व्यक्ति ने वादी की देख-रेख में लाभ उठाया, तो उस स्थिति में क्या स्थापित किया जाता है?
हरिजन महिला और पर्दानशीन महिला की तुलना में क्या अंतर है?
हरिजन महिला और पर्दानशीन महिला की तुलना में क्या अंतर है?
पर्दानशीन स्त्री की व्याख्या में क्या महत्वपूर्ण है?
पर्दानशीन स्त्री की व्याख्या में क्या महत्वपूर्ण है?
असम्यक असर से संबंधित विवादों में, दानग्रहीता द्वारा लाभ उठाने की क्या भूमिका होती है?
असम्यक असर से संबंधित विवादों में, दानग्रहीता द्वारा लाभ उठाने की क्या भूमिका होती है?
असम्यक असर सिद्ध करने की प्रक्रिया में दाता की इच्छा का ज्ञान किसके लिए आवश्यक है?
असम्यक असर सिद्ध करने की प्रक्रिया में दाता की इच्छा का ज्ञान किसके लिए आवश्यक है?
पर्दानशीन स्त्री की स्थिति स्पष्ट करने हेतु क्या प्रमाण आवश्यक हैं?
पर्दानशीन स्त्री की स्थिति स्पष्ट करने हेतु क्या प्रमाण आवश्यक हैं?
हरिजन महिला और पर्दानशीन महिला के संदर्भ में किस तथ्य की पहचान आवश्यक है?
हरिजन महिला और पर्दानशीन महिला के संदर्भ में किस तथ्य की पहचान आवश्यक है?
पर्दानशीन औरतों की स्थिति को न्यायालय में कैसे परिभाषित किया जाता है?
पर्दानशीन औरतों की स्थिति को न्यायालय में कैसे परिभाषित किया जाता है?
Study Notes
असम्यक असर की अवधारणा
- असम्यक असर को लेकर भारतीय संविदा अधिनियम में अंग्रेजी कामन विधि अपनाई गई है।
- उच्चतम न्यायालय ने 'सुभाष चन्द्र बनाम गंगा प्रसाद' मामले में असम्यक असर के सिद्धांत पर दो महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए:
- क्या सम्बन्ध दाता (donor) और दानग्रहीता (donee) ऐसे हैं कि दानग्रहीता दाता की इच्छा को समझ सकती है?
- क्या दानग्रहीता ने अपनी स्थिति का उपयोग करके अनुचित लाभ उठाया है?
- इन दोनों प्रश्नों के उत्तर मिलने के बाद ऐसा विचार किया जाता है कि असम्यक असर सिद्ध करने का भार किस पर है।
- यदि संविदा अंतःकरण के विरुद्ध है, तो यह सिद्ध करने का भार उस व्यक्ति पर है जो दाता की इच्छा को समझने की स्थिति में था।
लाभ की परिकल्पना
- जब कोई व्यक्ति वादी के साथ न्यासवत् संबंध रखता है और उससे लाभ प्राप्त करता है, तो यह मान लिया जाता है कि उसने सम्यक् असर के माध्यम से लाभ लिया है।
पर्दानशीन स्त्री की स्थिति
- पर्दानशीन महिलाओं को समाज से पृथक जीवन जीने के कारण विधि द्वारा विशेष संरक्षण मिलता है।
- यदि कोई व्यक्ति पर्दानशीन महिला के साथ संविदा करता है, तो यह उस पर भार होता है कि वह सिद्ध करे कि महिला ने संविदा की प्रकृति और परिणाम को पूरी तरह समझा था।
पर्दानशीन स्त्री की व्याख्या
- पर्दानशीन स्त्री वह होती है जो देश की प्रथा या विशेष समुदाय के अनुसार समाज से पृथक रहती है।
- केवल समाज से पृथक रहने की स्थिति से किसी महिला को पर्दानशीन नहीं माना जा सकता है।
- यदि किसी समुदाय में पर्दा प्रथा नहीं है, तो उस समुदाय की महिला उच्च न्यायालय में पर्दे में आने पर भी पर्दानशीन नहीं कहलाएगी।
हरिजन महिला की स्थिति
- हरिजन महिला जो पति की मृत्यु के बाद रेलवे की सेवा में दयावश ली जाती है, उसकी स्थिति पर्दानशीन महिला के साथ नहीं जोड़ी जा सकती।
- उसके अनपढ़ होने, अनजान रहने या मानसिक दुर्बलता के सबूतों की अनुपस्थिति को भी ध्यान में रखा जाता है।
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Description
इस क्विज़ में हम असम्यक असर के बारे में चर्चा करेंगे, जो भारतीय संविदा अधिनियम में महत्वपूर्ण है। उच्चतम न्यायालय के निर्णयों और महत्वपूर्ण प्रश्नों का विश्लेषण करते हुए, यह क्विज़ आपके कानूनी ज्ञान को परखने का अवसर प्रदान करती है। इसे हल करने से आप दान एवं दानग्रहीता के बीच के संबंधों को बेहतर समझ सकेंगे।