High School Hindi Exam 2025 PDF: Past Paper

Summary

यह एक हाई स्कूल परीक्षा 2025 का हिंदी प्रश्न पत्र है, जिसमें विभिन्न प्रकार के प्रश्न शामिल हैं। इसमें रीितकाल और अन्य साहित्यकारों और लेखकों से सम्बंधित प्रश्न दिए गए हैं ।

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केवल अ ास हेतु नमूना प Sample Question Paper for Practice only हाई ू ल परी ा - 2025 High School Examination-2025...

केवल अ ास हेतु नमूना प Sample Question Paper for Practice only हाई ू ल परी ा - 2025 High School Examination-2025 िवषय - िह ी Subject - Hindi Total Question Total Printed Pages Time Maximum Marks 23 4 3 hours 75 िनदश :- i. सभी अिनवाय है | ii. ेक के िलए आवंिटत अं क उसके स ुख अंिकत है | iii. मां क 1 से 5 तक 30 व ुिन है | ेक उप- पर 1 अं क िनधा रत है | iv. मां क 6 से 17 तक कुल 12 है | ेक पर 2 अंक िनधा रत है | श सीमा लगभग 30 श है | v. मां क 18 से 20 तक कुल 3 है | ेक पर 3 अंक िनधा रत है | श सीमा लगभग 75 श है | vi. मां क 21 से 23 तक कुल 3 है | ेक पर 4 अंक िनधा रत है | श सीमा लगभग 120 श है | vii. मां क 6 से 23 तक सभी ों के आं त रक िवक िदए गए ह | ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ 1. सही िवक का चयन कर िल खए - (1x6=6) i. रीितकाल की रचनाओं का धान िवषय है – (अ) कृित वणन (ब) ंगार वणन (स) भ वणन (द) ऋतु वणन ii. ‘जक री’ श का अथ है – (अ) थ होना (ब) रटना (स) जजर होना (द) दु :खी होना iii. ‘जु गु ा’ ायी भाव है - (अ) अद् भु त रस का (ब) वीभ रस का (स) रौ रस का (द) भयानक रस का iv. यं काश जी ने पि का का संपादन िकया - (अ) सर ती (ब) वसु धा (स) काद री (द) जनवाणी v. िजस समास म थम पद िवशे षण और दू सरा पद िवशे होता है उसे कहते ह – (अ) ि गु समास (ब) समास (स) अ यी भाव समास (द) कमधारय समास vi. ‘दे हाती दु िनया’ उप ास के लेखक है – (अ) िशवपूजन सहाय (ब) कमले र (स) फणी रनाथ रे णु (द) आन द यादव 2. र ानों की पू ित कर िल खए – (1x6=6) i. उ ाह एक ------------------ गीत है | (आ ान/मधुर) ii. वीर, भयानक तथा रौ रस म -----------------गु ण होता है । (माधुय/ओज) iii. नायक के जीवन की िकसी एक घटना का पू णता के साथ िच ण ----------म होता है | (ख का /महाका ) iv. बालगोिबन भगत के गीतों म -----------------का भाव आ है | (िवयोग / भु –िमलन) v. ‘िव ालय’ म -------------------स है | ( र/ ं जन) vi. लेपचा और -------------------िस म की ानीय जाितयाँ ह | (भा /भू िटया) 3. िन िल खत कथनों के सम स या अस िल खए – (1x6=6) i. परशु राम फरसे को दे खकर भयभीत हो गए | ii. दोहा एक विणक छ है | iii. जीवनी ग की मु ख िवधा है | iv. लखनऊ को नवाबों का शहर कहा जाता है | v. ‘माँ बैठ नही ं सकती |’ म भाव वा है | vi. कृितकार के िलए अनु भव की अपे ा अनुभूित गहरी चीज़ है | 1 4. सही जोड़ी का िमलान कर िल खए – (1x6=6) (अ) (ब) i युगधारा (क) ख का ii उतान (ख) सहनशील iii म ू भंडारी की माँ (ग) एकता म श iv सुदामाच रत (घ) पीठ के बल लेटना v श श के भेद (च) नागाजुन vi एक और एक ारह (छ) तीन 5. िन िल खत ों के उ र एक वा म िल खए – (1x6=6) i. जयशंकर साद की ‘आ क ’ किवता िकस पि का म कािशत ई थी ? ii “घेर घे र घोर गगन” पं म यु अलं कार के नाम िल खए | iii. शा ों म काशी िकस नाम से िति त है ? iv. एक से अिधक अथ दे ने वाले श ा कहलाते ह ? v. िजतेन नाग ने खेदुम म िकसका िनवास बताया है ? vi. ले खक अ ेय अपनी अ ा र िववशता को िकस कार पहचान पाता है ? 6. रीितकालीन कोई दो किवयों के नाम उनकी एक-एक रचना के साथ िल खए। (2) अथवा नई किवता की कोई - दो िवशेषताएँ / वृि याँ िल खए। 7. तुलसीदास अथवा सूयका ि पाठी ‘िनराला’ की का गत िवशेषताएँ िन िल खत िब दु ओं के आधार पर िल खए – (2) i. दो रचनाएँ ii. भावप – कलाप 8. परशुराम ने सह बा का वध ों िकया था ? िल खए | (2) अथवा मुरझाकर िगर रही पि याँ िकसका तीक है ? इनके मा म से किव जयशंकर साद ा कहना चाहते ह ? 9. किव नागाजुन के अनुसार फसल ा है ? िल खए | (2) अथवा संगतकार िकन – िकन मु पों म मु गायक – गाियकाओं की मदद करते ह ? 10. ब का िकसे कहते ह ? उनके कार के नाम िल खए | (2) अथवा माधुय गु ण की प रभाषा उदाहरण सिहत िल खए | 11. चौपाई छं द के ल ण उदाहरण सिहत िल खए | (2) अथवा पुन काश अलं कार की प रभाषा उदाहरण सिहत िल खए | 12. कहानी और उप ास म कोई –दो अंतर िल खए | (2) अथवा नाटक और एकां की म कोई –दो अंतर िल खए | 13. रामवृ बे नीपु री अथवा यशपाल की सािह क िवशेषताएँ िन िल खत िब दु ओं के आधार पर िल खए – (2) i. दो रचनाएँ ii. भाषा-शै ली 14. नवाब साहब ारा खीरा खाने की तै यारी का वणन लखनवी अंदाज़ पाठ के आधार पर िल खए | (2) अथवा ले खका म ू भंडारी के पर िकन-िकन यों का िकस प म भाव पड़ा ? 2 15. शहनाई की दु िनया म डु मराँव को ों याद िकया जाता है? (2) अथवा लेखक भदं त आनंद कौस ायन के अनुसार स ता ा है ? 16. िन िल खत वा ां श के िलए एक श िल खए – (2) i. अ िधक बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात ii. िजसे बाँ टा न जा सके अथवा िन िल खत लोको यों के अथ िलखते ए वा म योग कीिजए – i. आम के आम गुठिलयों के दाम ii. ऊँट के मुँह म जीरा 17. कभी ेत तो कभी रं गीन पताकाओं का लगाना िकन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है ? (2) अथवा लेखक अ ेय के अनु सार अनु भव की अपे ा अनु भूित उनके लेखन म कही ं अिधक मदद करती है | इसका ा कारण है ? 18. िन िल खत का ां श का संदभ- संग सिहत भावाथ िल खए - (3) मन की मन ही माँ झ रही । किहए जाइ कौन पै ऊधौ, नाही ं परत कही। अविध अधार आस आवन की, तन मन िबथा सही। अब इन जोग सँदेसिन सुिन-सुिन, िबरिहिन िबरह दही। चाहित ती ं गु हा र िजतिहं त, उत त धार बही। 'सूरदास' अब धीर धरिहं ौं, मरजादा न लही ।। अथवा मधु प गुन-गुना कर कह जाता कौन कहानी यह अपनी, मुरझाकर िगर रही ं पि याँ दे खो िकतनी आज घनी। इस गंभीर अनं त-नीिलमा म असं जीवन-इितहास यह लो, करते ही रहते ह अपना ं -मिलन उपहास 19. िन िल खत ग ां श की सं दभ – संग सिहत ा ा िल खए – (3) हालदार साहब को हर पं हव िदन कंपनी के काम के िसलिसले म उस क े से गुजरना पड़ता था। क ा ब त बड़ा नही ं था। िजसे प ा मकान कहा जा सके वै से कुछ ही मकान और िजसे बाजार कहा जा सके वैसा एक ही बाजार था। क े म एक लड़कों का ू ल, एक लड़िकयों का ू ल, एक सीमट का छोटा-सा कारखाना, दो ओपन एयर िसनेमाघर और एक ठो नगरपािलका भी थी। नगरपािलका थी तो कुछ-न-कुछ करती भी रहती थी। कभी कोई सड़क प ी करवा दी, कभी कुछ पेशाबघर बनवा िदए, कभी कबू तरों की छतरी बनवा दी तो कभी किव स ेलन करवा िदया। अथवा यह िपतृ-गाथा म इसिलए नही ं गा रही िक मुझे उनका गौरव-गान करना है , ब म तो यह दे खना चाहती ँ िक उनके की कौन-सी खूबी और खािमयाँ मे रे के ताने-बाने म गुँ थी ई ह या िक अनजाने -अनचाहे िकए उनके वहार ने मे रे भीतर िकन ंिथयों को ज दे िदया। 20. धू पान को रोकने के िलए उसकी हािनयाँ बताते ए एक िव ापन बना कर िल खए | (3) अथवा ‘मे रे जीवन का ल ’ िवषय पर एक अनु े द िल खए | 21. िन िल खत अपिठत का ां श अथवा ग ां श को पढ़कर पूछे गए ों के उ र िल खए - (4) यिद फूल नही ं बो सकते तो, काँ टे कम-से-कम मत बोओ । है अगम चेतना की घाटी, कमजोर बड़ा मानव का मन ममता की शीतल छाया म होता, कटु ता का यं शमन। ालाएँ जब घु ल जाती ह, खुल-खुल जाते ह मुँदे नयन, 3 होकर िनमलता म शां त, बहता ाणों का ु पवन । संकट म यिद मु ा न सको, भय से कातर हो मत रोओ । यिद फूल नही ं बो सकते तो, काँ टे कम-से-कम मत बोओ । – i. उपयु ग ां श का उपयु शीषक िल खए | ii. उपयु पं यों म ‘फूल बोने’ और ‘काँ टे बोने’ का तीकाथ ा है ? iii. भय से कातर होने पर मनु की ित कैसी हो जाती है ? iv. उ पं यों म मानव मन को कैसा बताया गया है ? अथवा से अगली इकाई प रवार की है । पित-प ी, माता-िपता तथा ब ों से प रवार बनता है । प रवार एक ऐसी इकाई है जो समाज और रा से जुड़ी रहती है । अतः प रवार को सुख-समृ और मंगल-कामना के िलए य करना 'प रवार क ाण' कहलाता है । प रवार को सीिमत रखने के य म ही प रवार क ाण का भाव िनिहत है । मनु को यह बात भली कार से समझ ले नी चािहए िक प रवार को िबना सोचे-समझे बढ़ाते चले जाना मू खता के अलावा और कुछ नही ं है। यह दु भा की बात है िक हमारे दे श की जनसं ा म अं धाधुं ध वृ हो रही है िजसके प रणाम प प रवार-क ाण का काय िपछड़ जाता है । प रवार के सभी लोगों को सुख-समृ तभी ा होगी जब प रवार के सद ों की सं ा सीिमत होगी। एक की आय को बाँटने वाले जब कम होंगे तब उसे पाने वालों को अिधक धन की ा होगी। यह िवचारणीय है िक प रवार-क ाण को ान म रखते ए प रवार को छोटा कैसे रखा जाए? इसके िलए आम जनता म चेतना जा त करनी होगी। लोगों को समझाना होगा िक जनसं ा-वृ से उनके प रवार को िकन-िकन किठनाइयों का सामना करना पड़ सकता है । – i. उपयु ग ां श का उपयु शीषक िल खए | ii. लेखक के अनुसार 'प रवार क ाण' ा कहलाता है ? iii. ‘सुख- समृ ’ पद का िव ह कर समास का नाम िल खए | iv. प रवार को छोटा रखने के िलए हम ा करना होगा ? 22. िव ालय म खेल साम ी की माँ ग करने हे तु अपने ाचाय को आवे दन - प िल खए | (4) अथवा समय के सदु पयोग और प र म पर बल दे ते ए अपने छोटे भाई को प िल खए | 23. िन िल खत म से िकसी एक िवषय पर परे खा सिहत सारगिभत िनबं ध िल खए – (4) i. िव ाथ जीवन म नैितक मू ों का मह ii. दू षण िनयं ण : कारण एवं िनदान iii. मानव जीवन की गित म क ूटर iv. पु कालय का मह v. भारत अिभयान --------------------------------------------------------------- 000---------------------------------------------------------- 4