राजस्थान का भौगोलिक महत्व

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Questions and Answers

राजस्थान की जलवायु पर अरावली पर्वतमाला की स्थिति का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव क्या है?

  • यह राज्य के पश्चिमी हिस्सों में वर्षा की मात्रा को बढ़ाता है।
  • यह राज्य के पूर्वी ढलानों पर पश्चिमी ढलानों की तुलना में अधिक वर्षा करवाता है। (correct)
  • यह राज्य के पूर्वी हिस्सों में वर्षा की मात्रा को कम करता है।
  • यह राज्य में तापमान को समान रूप से वितरित करने में मदद करता है।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का क्या महत्व है?

  • यह राज्य के राजस्व में नगण्य योगदान देता है।
  • यह राज्य के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, ऐतिहासिक स्थलों, किलों और वन्यजीव अभयारण्यों के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करता है। (correct)
  • यह राज्य में बेरोजगारी की दर को बढ़ाता है।
  • यह केवल स्थानीय हस्तशिल्प उद्योग को लाभ पहुंचाता है।

राजस्थान में कौन सी नदी अरब सागर में गिरती है?

  • बनास
  • लूनी (correct)
  • यमुना
  • चंबल

राजस्थान की भौगोलिक स्थिति का सामरिक महत्व क्या है?

<p>यह पाकिस्तान के साथ एक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो इसे रक्षा दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाता है। (C)</p> Signup and view all the answers

राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर का मुख्य उद्देश्य क्या है?

<p>पेयजल आपूर्ति और सिंचाई (D)</p> Signup and view all the answers

राजस्थान में पाई जाने वाली प्रमुख मिट्टी के प्रकार कौन से हैं, जो कृषि पद्धतियों को प्रभावित करते हैं?

<p>रेतीली, जलोढ़ और काली मिट्टी (B)</p> Signup and view all the answers

राजस्थान में प्राकृतिक वनस्पति जलवायु और मिट्टी की स्थिति के आधार पर कैसे भिन्न होती है?

<p>शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में कंटीले वन और झाड़ियाँ, और अरावली श्रेणी और दक्षिण-पूर्वी मैदानों में पर्णपाती / Deciduous वन पाए जाते हैं। (D)</p> Signup and view all the answers

राजस्थान में जल संरक्षण की आवश्यकता क्यों है?

<p>राज्य में जल का असमान वितरण और घटते भूजल स्तर की समस्या है। (B)</p> Signup and view all the answers

राजस्थान में मानव जीवन पर भौगोलिक कारकों का क्या प्रभाव पड़ता है?

<p>जलवायु, मिट्टी और पानी की उपलब्धता का जीवन शैली, व्यवसाय और सांस्कृतिक प्रथाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है। (D)</p> Signup and view all the answers

राजस्थान में कौन से खनिज संसाधन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं?

<p>जिंक, सीसा, तांबा, चूना पत्थर और जिप्सम (A)</p> Signup and view all the answers

Flashcards

राजस्थान की स्थिति

भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित, राजस्थान क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा राज्य है।

राजस्थान का विस्तार

यह 23°3' और 30°12' उत्तरी अक्षांश और 69°30' और 78°17' पूर्वी देशांतर के बीच फैला हुआ है।

भौगोलिक विशेषताएँ

थार रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला और उपजाऊ मैदान यहाँ की मुख्य भौगोलिक विशेषताएँ हैं।

जलवायु

यहाँ गर्मी में बहुत गर्मी और सर्दी में बहुत ठंड पड़ती है।

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नदी प्रणाली

लूनी एकमात्र महत्वपूर्ण नदी है जो अरब सागर में बहती है।

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प्राकृतिक संसाधन

राजस्थान जस्ता, सीसा, तांबा, चूना पत्थर और जिप्सम जैसे खनिज संसाधनों से भरपूर है।

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वनस्पति

यहाँ की प्राकृतिक वनस्पति जलवायु और मिट्टी की स्थिति पर निर्भर करती है।

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कृषि

बाजरा, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन और कपास यहाँ की प्रमुख फसलें हैं।

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सामरिक महत्व

पाकिस्तान के साथ एक लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा होने के कारण यह रक्षा के नजरिए से महत्वपूर्ण है।

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आर्थिक महत्व

पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

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Study Notes

यहाँ राजस्थान की भौगोलिक महत्व पर संशोधित अध्ययन नोट्स दिए गए हैं:

राजस्थान का भौगोलिक महत्व

  • क्षेत्रफल के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा राज्य होने के कारण राजस्थान का भौगोलिक महत्व बहुत अधिक है।
  • इसकी अवस्थिति, विविध भौतिक विशेषताएं और सामरिक स्थिति इसे महत्वपूर्ण बनाती हैं।

अवस्थिति और विस्तार

  • यह भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है।
  • यह 23°3' और 30°12' उत्तरी अक्षांश और 69°30' और 78°17' पूर्वी देशांतर के बीच फैला हुआ है।
  • कर्क रेखा इसके दक्षिणी सिरे से होकर गुजरती है।
  • पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
  • भारत के भीतर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से घिरा हुआ है।
  • गुजरात दक्षिण-पश्चिम में इसकी सीमा बनाता है।

भौतिक विशेषताएं

  • इसकी विशेषता थार रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला और उपजाऊ मैदानों सहित विविध प्रकार की भौतिक विशेषताएं हैं।
  • थार रेगिस्तान राज्य के एक बड़े हिस्से पर हावी है, जो जलवायु, वनस्पति और मानव बस्तियों को प्रभावित करता है।
  • अरावली पर्वतमाला, जो दुनिया की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में से एक है, राज्य के दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व तक फैली हुई है, जो एक प्राकृतिक अवरोधक के रूप में कार्य करती है और वर्षा के पैटर्न को प्रभावित करती है।
  • पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में चंबल और बनास जैसी नदियों द्वारा सिंचित उपजाऊ मैदान हैं, जो कृषि और घनी आबादी का समर्थन करते हैं।

जलवायु

  • यह शुष्क से अर्ध-शुष्क तक विविध प्रकार की जलवायु परिस्थितियों का अनुभव करता है।
  • यहां गर्म और शुष्क जलवायु है, जिसमें गर्मी में उच्च तापमान और सर्दियों में ठंडा तापमान होता है।
  • वर्षा अत्यधिक परिवर्तनशील और असमान रूप से वितरित है, पश्चिमी भागों में कम वर्षा होती है और दक्षिण-पूर्वी भागों में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा होती है।
  • अरावली पर्वतमाला वर्षा के वितरण को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, पूर्वी ढलानों पर पश्चिमी ढलानों की तुलना में अधिक वर्षा होती है।

जल निकासी प्रणाली

  • इसकी विशेषता अंतर्देशीय और बाहरी जल निकासी दोनों सहित एक जटिल जल निकासी प्रणाली है।
  • लूनी एकमात्र महत्वपूर्ण नदी है जो अरब सागर में बहती है।
  • राज्य के पश्चिमी भाग में अंतर्देशीय जल निकासी प्रमुख है, जहाँ घग्गर जैसी नदियाँ रेगिस्तान में गायब हो जाती हैं।
  • चंबल और उसकी सहायक नदियाँ राज्य के दक्षिण-पूर्वी भाग को बहाती हैं, जो अंततः यमुना नदी में मिल जाती हैं।
  • सांभर झील और पिछोला झील जैसी कई झीलें और जलाशय पानी के महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में काम करते हैं और जैव विविधता का समर्थन करते हैं।

प्राकृतिक संसाधन

  • जस्ता, सीसा, तांबा, चूना पत्थर और जिप्सम सहित खनिज संसाधनों से समृद्ध।
  • संगमरमर और बलुआ पत्थर के महत्वपूर्ण भंडार हैं, जिनका उपयोग व्यापक रूप से निर्माण और हस्तशिल्प में किया जाता है।
  • भरपूर धूप के कारण सौर ऊर्जा की क्षमता अधिक है।
  • पवन ऊर्जा की क्षमता भी महत्वपूर्ण है, खासकर राज्य के पश्चिमी भागों में।

वनस्पति

  • प्राकृतिक वनस्पति जलवायु और मिट्टी की स्थिति के आधार पर भिन्न होती है।
  • कांटेदार जंगल और झाड़ियाँ शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों की विशेषता हैं।
  • अरावली पर्वतमाला और दक्षिण-पूर्वी मैदानों में पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
  • रेगिस्तानी वनस्पति में कैक्टि, कांटेदार झाड़ियाँ और घास जैसी सूखा प्रतिरोधी प्रजातियाँ शामिल हैं।

कृषि

  • कृषि एक प्रमुख व्यवसाय है, जिसमें आबादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर है।
  • प्रमुख फसलों में बाजरा, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन और कपास शामिल हैं।
  • कृषि के लिए सिंचाई आवश्यक है, खासकर शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में।
  • इंदिरा गांधी नहर ने राज्य के पश्चिमी भाग में परिदृश्य और कृषि पद्धतियों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सामरिक महत्व

  • पाकिस्तान के साथ एक लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जो इसे रक्षा के दृष्टिकोण से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
  • घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी और गश्त की जाती है।
  • सैन्य प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों की उपस्थिति राष्ट्र की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करती है।

आर्थिक महत्व

  • पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता है, जिसमें कई ऐतिहासिक स्थल, किले, महल और वन्यजीव अभयारण्य दुनिया भर से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
  • हस्तशिल्प उद्योग अच्छी तरह से विकसित है, जो बड़ी संख्या में कारीगरों को रोजगार प्रदान करता है और निर्यात में योगदान देता है।
  • खनन और खनिज आधारित उद्योग राज्य के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।
  • नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र का महत्व बढ़ रहा है, सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश किया जा रहा है।

पर्यावरणीय चुनौतियाँ

  • मरुस्थलीकरण, जल की कमी, मृदा अपरदन और वनों की कटाई सहित कई पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
  • भूजल संसाधनों के अत्यधिक दोहन से कई क्षेत्रों में जल स्तर में गिरावट आई है।
  • औद्योगिक और शहरी स्रोतों से होने वाला प्रदूषण जल की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
  • जैव विविधता की रक्षा, सतत विकास को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए संरक्षण के प्रयास जारी हैं।

मानव जीवन पर भौगोलिक कारकों का प्रभाव

  • राजस्थान में जलवायु, मिट्टी और पानी की उपलब्धता जैसे भौगोलिक कारकों का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
  • बस्तियों का स्वरूप पानी और उपजाऊ जमीन की उपलब्धता से निकटता से संबंधित है।
  • कृषि, पशुपालन और हस्तशिल्प जैसे पारंपरिक व्यवसाय भौतिक पर्यावरण से प्रभावित हैं।
  • सांस्कृतिक प्रथाएं, पहनावा और भोजन की आदतें कठोर जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल हैं।

भौगोलिक क्षेत्र

  • भौतिक विशेषताओं और जलवायु के आधार पर मोटे तौर पर कई भौगोलिक क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
  • थार रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला, पूर्वी मैदान और दक्षिण-पूर्वी पठार प्रमुख भौगोलिक विभाजन हैं।
  • प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट विशेषताएं हैं और राज्य की समग्र विविधता में योगदान करते हैं।

संरक्षण के प्रयास

  • सरकार और गैर-सरकारी संगठन प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संरक्षण प्रयासों में शामिल हैं।
  • वनीकरण कार्यक्रम, जल संरक्षण परियोजनाएं और वन्यजीव संरक्षण पहलें लागू की जा रही हैं।
  • इको-पर्यटन और सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना भी संरक्षण रणनीति का हिस्सा है।

निष्कर्ष

  • राजस्थान का भौगोलिक महत्व इसकी अनूठी भौतिक विशेषताओं, सामरिक अवस्थिति, समृद्ध खनिज संसाधनों और सांस्कृतिक विरासत में निहित है।
  • राज्य को आकार देने वाले भौगोलिक कारकों को समझना सतत विकास, संरक्षण प्रयासों और प्रभावी शासन के लिए आवश्यक है।

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