मोहिनीअट्टम संगीत और नृत्यांगनाएँ

Choose a study mode

Play Quiz
Study Flashcards
Spaced Repetition
Chat to Lesson

Podcast

Play an AI-generated podcast conversation about this lesson
Download our mobile app to listen on the go
Get App

Questions and Answers

मोहिनी अट्टम में किस प्रकार के संगीत का प्रयोग किया जाता है?

  • केवल कर्नाटक संगीत
  • केवल सोपानम संगीत
  • कर्नाटक और सोपानम संगीत का मिश्रण (correct)
  • हिंदुस्तानी संगीत

मोहिनी अट्टम की वेशभूषा में, नृत्यांगनाएँ अपने बालों को किस प्रकार सजाती हैं?

  • केवल सुगंधित फूलों से
  • किसी भी प्रकार के फूलों का उपयोग नहीं किया जाता है
  • केवल रंगीन फूलों से
  • सुगंधित और रंगीन फूलों के संयोजन से (correct)

मोहिनी अट्टम की साड़ी की विशेषता क्या है?

  • नौ गज लंबी, सुनहरी जरी किनारी और पल्लूदार होती है (correct)
  • बिना किनारी और पल्लू की होती है
  • रेशम की बनी होती है
  • सिर्फ लाल रंग की होती है

मोहिनी अट्टम को प्रचारित करने में किसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है?

<p>पद्मश्री डॉ. कनक रेले (C)</p> Signup and view all the answers

मोहिनी अट्टम किस राज्य से संबंधित है?

<p>केरल (B)</p> Signup and view all the answers

मोहिनी अट्टम नृत्य शैली में किसका प्रभुत्व है?

<p>केवल लास्य (D)</p> Signup and view all the answers

मोहिनी अट्टम की उत्पत्ति की कथा किससे जुड़ी है?

<p>भगवान विष्णु द्वारा मोहिनी रूप धारण करने से (A)</p> Signup and view all the answers

मोहिनी अट्टम के नृत्य प्रदर्शन की शुरुआत कैसे होती है?

<p>चोलकेटू से (B)</p> Signup and view all the answers

मोहिनी अट्टम नृत्य प्रदर्शन का समापन किससे होता है?

<p>श्लोकम् (B)</p> Signup and view all the answers

ओडिसी नृत्य में 'बटुनृत्य' के बाद क्या प्रस्तुत किया जाता है?

<p>स्वर-पल्लवी (D)</p> Signup and view all the answers

ओडिसी नृत्य के 'गीताभिनय' की तुलना किस नृत्य शैली से की जा सकती है?

<p>भरतनाट्यम के 'पदम्' या कथक के ठुमरी भाव से (A)</p> Signup and view all the answers

ओडिसी नृत्य का समापन किससे होता है?

<p>'तर्जन' से (A)</p> Signup and view all the answers

ओडिसी नृत्य के वाद्यवृंद में कौन से वाद्य यंत्र शामिल होते हैं?

<p>मृदंग, बांसुरी और सारंगी या बेला (C)</p> Signup and view all the answers

ओडिसी नृत्य का उद्भव किस मंदिर से माना जाता है?

<p>जगन्नाथपुरी मंदिर (C)</p> Signup and view all the answers

'ओड़िसी' का विकास किनके द्वारा हुआ है?

<p>देवदासियों और गोतिपुवा दोनों द्वारा (B)</p> Signup and view all the answers

ओडिसी नृत्य में किस भंग की छटा विशेष दर्शनीय होती है?

<p>त्रिभंग (C)</p> Signup and view all the answers

ओडिसी नृत्य का आरंभ कैसे होता है?

<p>'भूमि प्रणाम' और 'विघ्नराज पूजा' से (A)</p> Signup and view all the answers

'लाई-हरोबा' क्या है?

<p>मणिपुर का प्राचीनतम नृत्य (D)</p> Signup and view all the answers

मणिपुर में 'उमेङ्-लाई' किन्हें कहा जाता है?

<p>मणिपुरी के आदि देवता (C)</p> Signup and view all the answers

मणिपुरी नृत्य अकादमी की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

<p>मणिपुरी नृत्य की शिक्षा की व्यवस्था करना (D)</p> Signup and view all the answers

Flashcards

मोहिनी अट्टम का संगीत

भरतनाट्यम से अलग, इसमें कर्नाटक संगीत का प्रयोग होता है।

सोपानम संगीत

केरल की लोक संस्कृति के करीब संगीत।

मोहिनी अट्टम की नृत्यांगना का केश विन्यास

बाएँ कनपटी के ऊपर बना जूड़ा, ताज़े फूलों से सजा होता है।

मोहिनी अट्टम के आभूषण

कानों में छोटी नथनी और नाक में बेसर (बुलाक)।

Signup and view all the flashcards

मोहिनी अट्टम की पोशाक

नौ गज लंबी, सुनहरी किनारी वाली सफेद साड़ी।

Signup and view all the flashcards

साड़ी का पल्लू

पल्लु को अर्द्धचंद्राकार में बांधा जाता है।

Signup and view all the flashcards

मोहिनी अट्टम में योगदान

पद्मश्री डॉ. कनक रेले

Signup and view all the flashcards

मोहिनी अट्टम

केरल का भावपूर्ण और श्रृंगार रस प्रधान नृत्य।

Signup and view all the flashcards

नृत्य की उत्पत्ति

भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया।

Signup and view all the flashcards

मोहिनी अट्टम का प्रदर्शन

चोलकेटू से शुरू होता है, जिसमें शिव, विष्णु या भगवती की स्तुति होती है।

Signup and view all the flashcards

मोहिनी अट्टम के अंश

चोलकेटू के बाद जाति स्वरम, वर्णम, पदम और तिल्लाना।

Signup and view all the flashcards

पन्दाट्टम

अंत में गेंद खेलने का भाव दिखाते हैं।

Signup and view all the flashcards

कार्यक्रम का समापन

श्लोकम् से समापन, भक्तिमय बनाता है।

Signup and view all the flashcards

Study Notes

ज़रूर, यहां आपके अध्ययन के लिए नोट्स हैं:

मोहिनीअट्टम संगीत

  • भरतनाट्यम से बिलकुल अलग माना जाता है।
  • स्‍वाति तिरुनाल और दुरियमन थपी के गीतों को कर्नाटक शैली में गया जाता है।
  • चेंडा, एड़का और मद्दलम जैसे वाद्य यंत्रों के साथ संगत की जाती है।
  • कुछ विद्वानों का मानना है कि वाद्य कठोर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, इसलिए वीणा, मृदंग और बांसुरी जैसे नरम वाद्य इस नृत्य शैली के लिए बेहतर हैं।
  • कुछ कलाकार मोहिनीअट्टम में केरल लोक संस्कृति के करीब सोपानम संगीत का उपयोग करना चाहते हैं।

मोहिनीअट्टम नृत्यांगनाएँ

  • सिर पर बायीं ओर कनपटी से ऊपर सुंदर जूड़ा बनाती हैं।
  • जूडे को ताजे सुगंधित फूलों से सजाया जाता है।
  • रंगीन फूलों से सजी वेणी (चोटी) गुँथी जाती है।
  • मांग पर सुनहरा टीका भी धारण करती हैं।
  • नाक के दोनों ओर छोटी-छोटी नथनी और उनके बीच बेसर (बुलाक) पहनती हैं।
  • सुनहरी जरी की किनारी वाली सफेद साड़ी पहनती हैं, जो नौ गज लंबी होती है।
  • नीचे के घेरे में छोटी-छोटी चुन्नटें डाली जाती हैं।
  • सुनहरी जरी वाले पल्लू को चुन्नटें डालकर करधनी के नीचे अर्द्धचन्द्राकार फैलाकर बांधा जाता है।
  • चोली (ब्लाउज) भी सुनहरी किनारी का ही होता है।
  • चंद्रहार, काशीमाला जैसे आभूषण भी पहनती हैं।

पद्मश्री डॉ. कनक रेले

  • वर्तमान में मोहिनीअट्टम को प्रचारित-प्रसारित करने में इनका महत्वपूर्ण योगदान है।
  • शांताराव, गीता नायर, मृणालिनी साराभाई और शिवाजी भारती शैली के अन्य प्रसिद्ध कलाकार हैं।

मोहिनीअट्टम (केरल)

  • केरल का एक भावपूर्ण और श्रृंगार रस प्रधान नृत्य है।
  • कथकली नृत्य तांडव अंग प्रधान पुरूषोचित है, तो मोहिनी अट्टम लास्य अंग प्रधान स्त्रियोचित् है।
  • इस नृत्य शैली का जन्म भगवान विष्णु द्वारा समुद्र-मंथन के समय मोहिनी रूप धारण करने से हुआ था।
  • कुछ विद्वानों का मानना है कि यह भरतनाट्यम की तरह देवदासियों का नृत्य है।
  • जब तमिलनाडु में मुस्लिम शासन आया देवदासियाँ केरल चली गईं और इस नृत्य शैली विकसित किया।
  • भरतनाट्यम और मोहिनीअट्टम के प्रस्तुतिकरण में कुछ समानताएँ भी है।
  • महाराजा स्वाति तिरुनाल ने मोहिनीअट्टम को सवांरने में योगदान दिया है।
  • केरल कला मंडलम् ने कथकली के साथ मोहिनीअट्टम का पुनर्गठन करके इसके विकास में मदद की है।

मोहिनीअट्टम नृत्य प्रदर्शन

  • प्रारंभ चोलकेटू से होता है, जिसमें शिव, विष्णु या भगवती की आराधना की जाती है।
  • नर्तकी ताल-लय के साथ अंग संचालन करते हुए सौंदर्य व आनंद की सृष्टि करती है।
  • चोलकेटू के बाद जाति स्वरम, वर्णम्, पदम् और तिल्लाना प्रस्तुत किये जाते हैं।
  • ये अंश मोहिनी अट्टम को भरतनाट्यम के निकट ले जाते है, फिर भी शैलियों में भिन्नता रहती है।
  • अंत में पन्दाट्टम में विभिन्न प्रकार से गेंद खेलने का भाव दिखाया जाता है।
  • श्लोकम् से कार्यक्रम का समापन होता है, जो दर्शकों को भक्तिमय कर देता है।

Studying That Suits You

Use AI to generate personalized quizzes and flashcards to suit your learning preferences.

Quiz Team

Related Documents

Use Quizgecko on...
Browser
Browser