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Questions and Answers
ग्रामीर् क्षेत्रों में गरीबी रेखा का अनुमान क्या है?
ग्रामीर् क्षेत्रों में गरीबी रेखा का अनुमान क्या है?
- 673 (correct)
- 750
- 860
- 1000
नीचे दिए गए में से कौन सा गरीबी का एक मुख्य कारण नहीं है?
नीचे दिए गए में से कौन सा गरीबी का एक मुख्य कारण नहीं है?
- कम संसाधन
- निम्न बचत स्तर
- आय में असमानता
- उच्च तकनीकी कौशल (correct)
दुश्चक्र के दृष्टिकोण से, निम्नलिखित में से क्या सही है?
दुश्चक्र के दृष्टिकोण से, निम्नलिखित में से क्या सही है?
- निम्न आय के कारण उच्च बचत होती है
- उच्च बचत स्तर गरीबी को कम करता है
- गरीबी रेखा से ऊपर रहने के लिए निवेश आवश्यक नहीं है
- कम बचत स्तर आय को कम करता है (correct)
कोण सी स्थिति को दर्शाता है जहाँ गरीब आमतौर पर उच्च स्तर की मजदूरी नहीं प्राप्त कर पाते?
कोण सी स्थिति को दर्शाता है जहाँ गरीब आमतौर पर उच्च स्तर की मजदूरी नहीं प्राप्त कर पाते?
भारत में गरीबी को प्रभावित करने वाले कारकों में से कौन सा है?
भारत में गरीबी को प्रभावित करने वाले कारकों में से कौन सा है?
गरीबी रेखा से ऊपर की आय पाने के लिए कितना संसाधन होना चाहिए?
गरीबी रेखा से ऊपर की आय पाने के लिए कितना संसाधन होना चाहिए?
ग़रीबों की आर्थिक स्थिति में निम्नलिखित में से कौन सा आमतौर पर सही है?
ग़रीबों की आर्थिक स्थिति में निम्नलिखित में से कौन सा आमतौर पर सही है?
गरीबी का चक्र किसे संदर्भित करता है?
गरीबी का चक्र किसे संदर्भित करता है?
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों के लिए आय क्या होती है?
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों के लिए आय क्या होती है?
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गरीबी के लिए व्यक्तियों की उच्चतम मासिक खपत क्या है?
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गरीबी के लिए व्यक्तियों की उच्चतम मासिक खपत क्या है?
भारत में बेरोजगारी की समस्या कम करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय महत्वपूर्ण है?
भारत में बेरोजगारी की समस्या कम करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय महत्वपूर्ण है?
गरीबी को सामान्यतः किस प्रकार परिभाषित किया जाता है?
गरीबी को सामान्यतः किस प्रकार परिभाषित किया जाता है?
भारत में गरीबी रेखा क्या दर्शाती है?
भारत में गरीबी रेखा क्या दर्शाती है?
नीचे दिए गए में से कौन-सा कारक बेरोजगारी और गरीबी की समस्या को सुलझाने में मदद करता है?
नीचे दिए गए में से कौन-सा कारक बेरोजगारी और गरीबी की समस्या को सुलझाने में मदद करता है?
भारत में गरीबी की माप किस आधार पर की जाती है?
भारत में गरीबी की माप किस आधार पर की जाती है?
बेरोजगारी और गरीबी की समस्या से निपटने के लिए किस प्रकार के उपायों की आवश्यकता है?
बेरोजगारी और गरीबी की समस्या से निपटने के लिए किस प्रकार के उपायों की आवश्यकता है?
भारत में बेरोजगारी और गरीबी की समस्याओं में कौन-सा कारक महत्वपूर्ण है?
भारत में बेरोजगारी और गरीबी की समस्याओं में कौन-सा कारक महत्वपूर्ण है?
भारत में गरीबी उन्मूलन के लिए किस प्रकार का उपाय आवश्यक है?
भारत में गरीबी उन्मूलन के लिए किस प्रकार का उपाय आवश्यक है?
बेरोजगारी दर की गणना कैसे की जाती है?
बेरोजगारी दर की गणना कैसे की जाती है?
भारत में बेरोजगारी का मापन किस संगठन द्वारा किया जाता है?
भारत में बेरोजगारी का मापन किस संगठन द्वारा किया जाता है?
सामान्य मजदूरी स्थिर बेरोजगारी (UPN) को कैसे मापा जाता है?
सामान्य मजदूरी स्थिर बेरोजगारी (UPN) को कैसे मापा जाता है?
बेरोजगारी दर का क्या संकेतक है?
बेरोजगारी दर का क्या संकेतक है?
भारत में बेरोजगारी के चार उपाय कौन से हैं?
भारत में बेरोजगारी के चार उपाय कौन से हैं?
बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या किस आधार पर दर्शाई जा सकती है?
बेरोजगार व्यक्तियों की संख्या किस आधार पर दर्शाई जा सकती है?
बेरोजगारी दर का उच्च होना किसकी ओर इशारा करता है?
बेरोजगारी दर का उच्च होना किसकी ओर इशारा करता है?
भारत में बेरोजगारी की दर के बारे में कौन सी जानकारी सही है?
भारत में बेरोजगारी की दर के बारे में कौन सी जानकारी सही है?
बेरोजगारी की विभिन्न श्रेणियों में कौन सी श्रेणी नहीं आती है?
बेरोजगारी की विभिन्न श्रेणियों में कौन सी श्रेणी नहीं आती है?
बेरोजगारी के कोण से कौन सा तथ्य सही नहीं है?
बेरोजगारी के कोण से कौन सा तथ्य सही नहीं है?
भारत में उत्पादन के लिए मुख्य चुनौती क्या है जब श्रम प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है?
भारत में उत्पादन के लिए मुख्य चुनौती क्या है जब श्रम प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है?
श्रम-बचत प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए संगठनों को किन कारकों से प्रोत्साहन मिलता है?
श्रम-बचत प्रौद्योगिकी को अपनाने के लिए संगठनों को किन कारकों से प्रोत्साहन मिलता है?
श्रम की बढ़ती अक्षमता के लिए कौन सा कारक जिम्मेदार माना जाता है?
श्रम की बढ़ती अक्षमता के लिए कौन सा कारक जिम्मेदार माना जाता है?
भारतीय उत्पादन प्रणाली में पूंजी-गहन प्रौद्योगिकी अपनाने का मुख्य कारण क्या है?
भारतीय उत्पादन प्रणाली में पूंजी-गहन प्रौद्योगिकी अपनाने का मुख्य कारण क्या है?
कौन सा कारक भारत में बेरोजगारी में योगदान कर रहा है?
कौन सा कारक भारत में बेरोजगारी में योगदान कर रहा है?
क्या कारण श्रम प्रचुरता के बावजूद भारत में बड़ी बेरोजगारी को जन्म देता है?
क्या कारण श्रम प्रचुरता के बावजूद भारत में बड़ी बेरोजगारी को जन्म देता है?
उत्पादक उद्देश्यों के लिए कौन सी चीज आवश्यक मानी जाती है?
उत्पादक उद्देश्यों के लिए कौन सी चीज आवश्यक मानी जाती है?
श्रम में अक्षमता बढ़ाने वाले कौन से कारण मानते हैं?
श्रम में अक्षमता बढ़ाने वाले कौन से कारण मानते हैं?
भारतीय श्रम बाजार में विकास की दिशा क्या है?
भारतीय श्रम बाजार में विकास की दिशा क्या है?
भारत में बेरोजगारी के प्रमुख कारणों में से एक क्या है?
भारत में बेरोजगारी के प्रमुख कारणों में से एक क्या है?
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत में रोजगार की कमी का एक प्रमुख कारण क्या हो सकता है?
भारत में रोजगार की कमी का एक प्रमुख कारण क्या हो सकता है?
निम्नलिखित में से कौन सा कारक भारतीय अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी को प्रभावित नहीं करता है?
निम्नलिखित में से कौन सा कारक भारतीय अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी को प्रभावित नहीं करता है?
भारत में बेरोजगारी और गरीबी की समस्या के खिलाफ कौन सा उपाय महत्वपूर्ण है?
भारत में बेरोजगारी और गरीबी की समस्या के खिलाफ कौन सा उपाय महत्वपूर्ण है?
बढ़ती कीमतों का गरीबों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
बढ़ती कीमतों का गरीबों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्पादक रोजगार की कमी का मुख्य कारण क्या है?
उत्पादक रोजगार की कमी का मुख्य कारण क्या है?
तीव्र जनसंख्या वृद्धि का कौन सा असर होता है?
तीव्र जनसंख्या वृद्धि का कौन सा असर होता है?
गरीबी की स्थिति के संदर्भ में बेरोजगारी क्यों महत्वपूर्ण है?
गरीबी की स्थिति के संदर्भ में बेरोजगारी क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में गरीबी का एक मुख्य कारण क्या है?
भारत में गरीबी का एक मुख्य कारण क्या है?
बढ़ती कीमतों का अर्थ है?
बढ़ती कीमतों का अर्थ है?
उत्पादक रोजगार में कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?
उत्पादक रोजगार में कमी के क्या परिणाम हो सकते हैं?
भारत में जीडीपी की वृद्धि दर को क्या प्रभावित करता है?
भारत में जीडीपी की वृद्धि दर को क्या प्रभावित करता है?
बेरोजगारी की समस्या का मुख्य कारण क्या है?
बेरोजगारी की समस्या का मुख्य कारण क्या है?
श्रम बाजार में महिलाओं की भागीदारी का क्या प्रभाव पड़ा है?
श्रम बाजार में महिलाओं की भागीदारी का क्या प्रभाव पड़ा है?
ग्रामीर और शहरी प्रवास का मुख्य परिणाम क्या है?
ग्रामीर और शहरी प्रवास का मुख्य परिणाम क्या है?
कृषि में असफलता का प्रमुख प्रभाव क्या है?
कृषि में असफलता का प्रमुख प्रभाव क्या है?
भारत में बेरोजगारी की कौन सी चुनौती प्रमुख है?
भारत में बेरोजगारी की कौन सी चुनौती प्रमुख है?
आर्थिक विकास में बेरोजगारी का क्या प्रभाव होता है?
आर्थिक विकास में बेरोजगारी का क्या प्रभाव होता है?
श्रम बाजार में परिवर्तन का कारण क्या हो सकता है?
श्रम बाजार में परिवर्तन का कारण क्या हो सकता है?
स्वतंत्रता के बाद महिलाओं की रोजगार में क्या परिवर्तन आया है?
स्वतंत्रता के बाद महिलाओं की रोजगार में क्या परिवर्तन आया है?
भारत में श्रम शक्ति की वृद्धि का क्या कारण है?
भारत में श्रम शक्ति की वृद्धि का क्या कारण है?
भारत में बेरोजगारी के बढ़ने का क्या संबंध है?
भारत में बेरोजगारी के बढ़ने का क्या संबंध है?
गंभीर बेरोजगारी दर किसे दर्शाती है?
गंभीर बेरोजगारी दर किसे दर्शाती है?
सामान्य मूधन स्थिर बेरोजगारी की पहचान करने का उपाय क्या है?
सामान्य मूधन स्थिर बेरोजगारी की पहचान करने का उपाय क्या है?
सहायक स्थिवत बेरोजगारी किसे संदर्भित करती है?
सहायक स्थिवत बेरोजगारी किसे संदर्भित करती है?
खुशहाल बेरोजगारी का क्या अर्थ है?
खुशहाल बेरोजगारी का क्या अर्थ है?
सामान्य राज्य बेरोजगारी दर का मुख्य उपयोग क्या होता है?
सामान्य राज्य बेरोजगारी दर का मुख्य उपयोग क्या होता है?
सामान्य मूधन स्थिर बेरोजगारी की विशेषता क्या है?
सामान्य मूधन स्थिर बेरोजगारी की विशेषता क्या है?
यूपीएसएस क्या दर्शाता है?
यूपीएसएस क्या दर्शाता है?
लेख से अनुसार, साप्ताहिक स्थिवत बेरोजगारी का निरीक्षण किसके आधार पर किया जाता है?
लेख से अनुसार, साप्ताहिक स्थिवत बेरोजगारी का निरीक्षण किसके आधार पर किया जाता है?
बेरोजगारी की स्थायी दर को क्या माना जाता है?
बेरोजगारी की स्थायी दर को क्या माना जाता है?
गंभीर बेरोजगारी का एक प्रमुख कारण क्या हो सकता है?
गंभीर बेरोजगारी का एक प्रमुख कारण क्या हो सकता है?
भारत में बेरोजगारी की समस्या का एक प्रमुख कारण क्या है?
भारत में बेरोजगारी की समस्या का एक प्रमुख कारण क्या है?
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का मुख्य लक्ष्य क्या है?
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का मुख्य लक्ष्य क्या है?
बुनियादी संरचना विकास की कमी भारतीय अर्थव्यवस्था पर कौन सा प्रभाव डालती है?
बुनियादी संरचना विकास की कमी भारतीय अर्थव्यवस्था पर कौन सा प्रभाव डालती है?
भारत में रोजगार करने की क्षमता में कमी का मुख्य कारण क्या है?
भारत में रोजगार करने की क्षमता में कमी का मुख्य कारण क्या है?
भारत में बेरोजगारी और गरीबी के बीच क्या संबंध है?
भारत में बेरोजगारी और गरीबी के बीच क्या संबंध है?
भारत में श्रम की प्रचुरता के बावजूद बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?
भारत में श्रम की प्रचुरता के बावजूद बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?
श्रम की बढ़ती अक्षमता का एक मुख्य कारण क्या है?
श्रम की बढ़ती अक्षमता का एक मुख्य कारण क्या है?
भारत में पूंजी-गहन प्रौद्योगिकी अपनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत में पूंजी-गहन प्रौद्योगिकी अपनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत में श्रम प्रचुरता के बावजूद बडी बेरोजगारी क्यों होती है?
भारत में श्रम प्रचुरता के बावजूद बडी बेरोजगारी क्यों होती है?
श्रम-बचत प्रौद्योगिकी का अपनाने के लिए संगठनों को किस प्रकार का प्रोत्साहन मिलता है?
श्रम-बचत प्रौद्योगिकी का अपनाने के लिए संगठनों को किस प्रकार का प्रोत्साहन मिलता है?
भारत में उत्पादन के लिए क्या मुख्य चुनौती है?
भारत में उत्पादन के लिए क्या मुख्य चुनौती है?
श्रम की प्रचुरता के बावजूद संगठनों को किस प्रकार की प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है?
श्रम की प्रचुरता के बावजूद संगठनों को किस प्रकार की प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है?
भारत में जो लोग बेरोजगार हैं, उनमें से अधिकांश का क्या स्थिति होती है?
भारत में जो लोग बेरोजगार हैं, उनमें से अधिकांश का क्या स्थिति होती है?
भारत में श्रम का संवर्धन किस चीज़ के लिए है?
भारत में श्रम का संवर्धन किस चीज़ के लिए है?
कौन सा तत्व भारत में बेरोजगारी बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाता है?
कौन सा तत्व भारत में बेरोजगारी बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाता है?
बढ़ती कीमतों का गरीबों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
बढ़ती कीमतों का गरीबों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्पादक रोजगार की कमी का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
उत्पादक रोजगार की कमी का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
तीव्र जनसंख्या वृद्धि का जीडीपी की विकास दर पर क्या प्रभाव होता है?
तीव्र जनसंख्या वृद्धि का जीडीपी की विकास दर पर क्या प्रभाव होता है?
गरीबी की भयावहता बेरोजगारी से कैसे जुड़ी है?
गरीबी की भयावहता बेरोजगारी से कैसे जुड़ी है?
बढ़ती जनसंख्या का राष्ट्रीय बचत पर क्या प्रभाव पड़ता है?
बढ़ती जनसंख्या का राष्ट्रीय बचत पर क्या प्रभाव पड़ता है?
कम आय वर्ग के लोग गरीब होने के लिए किस कारण से मजबूर होते हैं?
कम आय वर्ग के लोग गरीब होने के लिए किस कारण से मजबूर होते हैं?
क्या कारण श्रम प्रचुरता के बावजूद भारत में बेरोजगारी को बढ़ावा देता है?
क्या कारण श्रम प्रचुरता के बावजूद भारत में बेरोजगारी को बढ़ावा देता है?
उत्पादक रोजगार में कमी के संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं?
उत्पादक रोजगार में कमी के संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं?
बेरोजगारी तब किस स्थिति में होती है?
बेरोजगारी तब किस स्थिति में होती है?
प्राकृतिक बेरोजगारी की दर का क्या अर्थ है?
प्राकृतिक बेरोजगारी की दर का क्या अर्थ है?
प्रिण्न बेरोजगारी का क्या विशेषण है?
प्रिण्न बेरोजगारी का क्या विशेषण है?
अल्प-रोजगार की स्थिति को कैसे परिभाषित किया जा सकता है?
अल्प-रोजगार की स्थिति को कैसे परिभाषित किया जा सकता है?
किस स्थिति को प्रिण्न बेरोजगारी माना जाता है?
किस स्थिति को प्रिण्न बेरोजगारी माना जाता है?
कौन सी स्थिति अल्प-रोजगार की ओर इशारा करती है?
कौन सी स्थिति अल्प-रोजगार की ओर इशारा करती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी को र्िथर् बेरोजगारी कहा जाता है?
किस प्रकार की बेरोजगारी को र्िथर् बेरोजगारी कहा जाता है?
कौन सा तथ्य बेरोजगारी का संकेतक हो सकता है?
कौन सा तथ्य बेरोजगारी का संकेतक हो सकता है?
बेरोजगारी के विभिन्न प्रकारों में से कौन सा प्रकार नहीं आता?
बेरोजगारी के विभिन्न प्रकारों में से कौन सा प्रकार नहीं आता?
बेरोजगारी दर की गणना में किसका उपयोग किया जाता है?
बेरोजगारी दर की गणना में किसका उपयोग किया जाता है?
भारत में बेरोजगारी का मापन किस संगठन द्वारा किया जाता है?
भारत में बेरोजगारी का मापन किस संगठन द्वारा किया जाता है?
सामान्य मूिधन स्थिवत बेरोजगारी (यूपीएस) को कैसे परिभाषित किया जाता है?
सामान्य मूिधन स्थिवत बेरोजगारी (यूपीएस) को कैसे परिभाषित किया जाता है?
बेरोजगारी को मापने के लिए एनएसएसओ द्वारा निम्नलिखित में से कौन सा उपाय है?
बेरोजगारी को मापने के लिए एनएसएसओ द्वारा निम्नलिखित में से कौन सा उपाय है?
बेरोजगारी दर का उच्च होना किसका संकेत है?
बेरोजगारी दर का उच्च होना किसका संकेत है?
बेरोजगारी के संबंध में क्या तथ्य सही नहीं है?
बेरोजगारी के संबंध में क्या तथ्य सही नहीं है?
भारत में बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
भारत में बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या हो सकता है?
गणना की गई बेरोजगारी दर किसमें व्यक्त की जाती है?
गणना की गई बेरोजगारी दर किसमें व्यक्त की जाती है?
श्रम शक्ति की मात्रा किसमें शामिल की जाती है?
श्रम शक्ति की मात्रा किसमें शामिल की जाती है?
चक्रीय बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?
चक्रीय बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?
मौसमी बेरोजगारी किस क्षेत्र से संबंधित होती है?
मौसमी बेरोजगारी किस क्षेत्र से संबंधित होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी मुख्यतः मंदी के दौरान होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी मुख्यतः मंदी के दौरान होती है?
अनैस्थिक बेरोजगारी में निम्नलिखित में से कौन सा शामिल है?
अनैस्थिक बेरोजगारी में निम्नलिखित में से कौन सा शामिल है?
किस प्रकार की बेरोजगारी में अर्थव्यवस्था में व्यापक वृद्धि होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी में अर्थव्यवस्था में व्यापक वृद्धि होती है?
सभी निम्नलिखित में से कौन सा चक्रीय बेरोजगारी की परिभाषा में शामिल नहीं है?
सभी निम्नलिखित में से कौन सा चक्रीय बेरोजगारी की परिभाषा में शामिल नहीं है?
बेरोजगारी के किस स्वरूप को आमतौर पर 'मंदी' से जोड़ा जाता है?
बेरोजगारी के किस स्वरूप को आमतौर पर 'मंदी' से जोड़ा जाता है?
निम्नलिखित में से कौन सा बेरोजगारी का प्रकार प्राकृतिक दर के साथ संबंध रखता है?
निम्नलिखित में से कौन सा बेरोजगारी का प्रकार प्राकृतिक दर के साथ संबंध रखता है?
बेरोजगारी की प्राकृतक दर का क्या अर्थ है?
बेरोजगारी की प्राकृतक दर का क्या अर्थ है?
किस बेरोजगारी का प्रभाव विशेष रूप से क्षेत्रीय आर्थिक विकास पर पड़ता है?
किस बेरोजगारी का प्रभाव विशेष रूप से क्षेत्रीय आर्थिक विकास पर पड़ता है?
स्वर्थ जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसआई) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
स्वर्थ जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसआई) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
स्वर्थ जयंती शहरी रोजगार योजना (एसजेएसआरआई) का उद्देश्य क्या है?
स्वर्थ जयंती शहरी रोजगार योजना (एसजेएसआरआई) का उद्देश्य क्या है?
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएएम) के तहत लोगों को कैसे संगठित किया जाता है?
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएएम) के तहत लोगों को कैसे संगठित किया जाता है?
ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी को दूर करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कारक प्रमुख है?
ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी को दूर करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कारक प्रमुख है?
ग्रामीर् क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए कौन सी योजना प्रभावी मानी जाती है?
ग्रामीर् क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए कौन सी योजना प्रभावी मानी जाती है?
भारत सरकार ने गरीबी रेखा को किस आधार पर परिभाषित किया है?
भारत सरकार ने गरीबी रेखा को किस आधार पर परिभाषित किया है?
राष्ट्रीय प्रवचन संयंत्र संगठन (एनएसएसओ) द्वारा गरीबी का आकलन किस प्रकार किया जाता है?
राष्ट्रीय प्रवचन संयंत्र संगठन (एनएसएसओ) द्वारा गरीबी का आकलन किस प्रकार किया जाता है?
भारत में गरीबी रेखा के पुनरीक्षण के लिए योजना आयोग ने किन रिपोर्टों का उपयोग किया है?
भारत में गरीबी रेखा के पुनरीक्षण के लिए योजना आयोग ने किन रिपोर्टों का उपयोग किया है?
2009 में भारत में गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए किस प्रकार के खर्चों को ध्यान में रखा गया था?
2009 में भारत में गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए किस प्रकार के खर्चों को ध्यान में रखा गया था?
भारतीय अर्थव्यवस्था में सामाजिक सहायता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारतीय अर्थव्यवस्था में सामाजिक सहायता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
1979 में गरीबी रेखा का निर्धारण किसकी आधार पर किया गया था?
1979 में गरीबी रेखा का निर्धारण किसकी आधार पर किया गया था?
अर्थशास्त्र में 'गरीबी चक्र' से क्या तात्पर्य है?
अर्थशास्त्र में 'गरीबी चक्र' से क्या तात्पर्य है?
भारत में गरीबी का आकलन किस संस्था द्वारा किया जाता है?
भारत में गरीबी का आकलन किस संस्था द्वारा किया जाता है?
किस कारक के कारण भारत में कृषि उत्पादकता का स्तर कम होता है?
किस कारक के कारण भारत में कृषि उत्पादकता का स्तर कम होता है?
किसे गरीबों की आमदनी को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक माना जाता है?
किसे गरीबों की आमदनी को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक माना जाता है?
भारत में जावत व्यवस्था का कौन सा प्रभाव ग्रामीर् गरीबी पर पड़ता है?
भारत में जावत व्यवस्था का कौन सा प्रभाव ग्रामीर् गरीबी पर पड़ता है?
कौन सा कारक ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी का मुख्य कारण बनने के लिए जिम्मेदार हैं?
कौन सा कारक ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी का मुख्य कारण बनने के लिए जिम्मेदार हैं?
किस कारक की कमी के कारण करोड़ों लोग भारत में निम्न आय स्तर पर बने रहते हैं?
किस कारक की कमी के कारण करोड़ों लोग भारत में निम्न आय स्तर पर बने रहते हैं?
गरीबी के संदर्भ में उत्पादन के लिए किन परिस्थितियों को अनुकूल माना जाता है?
गरीबी के संदर्भ में उत्पादन के लिए किन परिस्थितियों को अनुकूल माना जाता है?
भारत में उच्च शिक्षा का प्रभावित कारण क्या है जो गरीबों की आय को कम करता है?
भारत में उच्च शिक्षा का प्रभावित कारण क्या है जो गरीबों की आय को कम करता है?
किस प्रकार की नीति ग्रामीण गरीबी को कम करने में अधिक प्रभावी मानी जाती है?
किस प्रकार की नीति ग्रामीण गरीबी को कम करने में अधिक प्रभावी मानी जाती है?
गरीबी के चक्र को समझने में कौन-सा कारक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है?
गरीबी के चक्र को समझने में कौन-सा कारक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है?
किस कारण से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि रोजगार की कमी होती है?
किस कारण से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि रोजगार की कमी होती है?
संरचनात्मक बेरोजगारी के कारण क्या होता है?
संरचनात्मक बेरोजगारी के कारण क्या होता है?
कंप्यूटर तकनीक के आगमन के बाद श्रमिकों के लिए कौन सी स्थिति उत्पन्न हुई?
कंप्यूटर तकनीक के आगमन के बाद श्रमिकों के लिए कौन सी स्थिति उत्पन्न हुई?
संरचनात्मक बेरोजगारी का एक उदाहरण क्या हो सकता है?
संरचनात्मक बेरोजगारी का एक उदाहरण क्या हो सकता है?
संरचनात्मक बेरोजगारी के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कारक जिम्मेदार नहीं है?
संरचनात्मक बेरोजगारी के लिए निम्नलिखित में से कौन सा कारक जिम्मेदार नहीं है?
संरचनात्मक बेरोजगारी का समाधान क्या हो सकता है?
संरचनात्मक बेरोजगारी का समाधान क्या हो सकता है?
संरचनात्मक बेरोजगारी को प्रभावित करने वाला कारक कौन सा है?
संरचनात्मक बेरोजगारी को प्रभावित करने वाला कारक कौन सा है?
संरचनात्मक बेरोजगारी और मौसमी बेरोजगारी के बीच मुख्य अंतर क्या है?
संरचनात्मक बेरोजगारी और मौसमी बेरोजगारी के बीच मुख्य अंतर क्या है?
संरचनात्मक बेरोजगारी के समाधान में निम्नलिखित में से कौन सा उपाय नहीं किया जाना चाहिए?
संरचनात्मक बेरोजगारी के समाधान में निम्नलिखित में से कौन सा उपाय नहीं किया जाना चाहिए?
संरचनात्मक बेरोजगारी के संदर्भ में बेहतर नीति क्या हो सकती है?
संरचनात्मक बेरोजगारी के संदर्भ में बेहतर नीति क्या हो सकती है?
किस स्थिति में व्यक्ति नेत्रहीन रूप से काम करते हुए भी उत्पादन में योगदान नहीं कर पाता?
किस स्थिति में व्यक्ति नेत्रहीन रूप से काम करते हुए भी उत्पादन में योगदान नहीं कर पाता?
कौन सी स्थिति बेरोजगारी की प्राकृत दर का हिस्सा नहीं है?
कौन सी स्थिति बेरोजगारी की प्राकृत दर का हिस्सा नहीं है?
किस प्रकार की बेरोजगारी में व्यक्ति अपनी क्षमता और प्रयासों के अनुसार पर्याप्त काम नहीं कर पाता?
किस प्रकार की बेरोजगारी में व्यक्ति अपनी क्षमता और प्रयासों के अनुसार पर्याप्त काम नहीं कर पाता?
किस प्रकार की बेरोजगारी स्थायी नौकरी की अनुपस्थिति के कारण उत्पन्न होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी स्थायी नौकरी की अनुपस्थिति के कारण उत्पन्न होती है?
बेरोजगारी की प्राकृत दर क्या दर्शाती है?
बेरोजगारी की प्राकृत दर क्या दर्शाती है?
अनैस्थिक बेरोजगारी के किस प्रकार का वर्णन किया गया है जिसमें अर्थव्यवस्था की मंदी के कारण बेरोजगारी बढ़ती है?
अनैस्थिक बेरोजगारी के किस प्रकार का वर्णन किया गया है जिसमें अर्थव्यवस्था की मंदी के कारण बेरोजगारी बढ़ती है?
मौसमी बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?
मौसमी बेरोजगारी का मुख्य कारण क्या है?
चालू आर्थिक चक्र में चक्रीय बेरोजगारी की पहचान कैसे की जाती है?
चालू आर्थिक चक्र में चक्रीय बेरोजगारी की पहचान कैसे की जाती है?
किस स्थिति में चक्रीय बेरोजगारी अधिक सामान्य होती है?
किस स्थिति में चक्रीय बेरोजगारी अधिक सामान्य होती है?
संरचनात्मक बेरोजगारी किस कारण से उत्पन्न होती है?
संरचनात्मक बेरोजगारी किस कारण से उत्पन्न होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी का मुख्य कारण अनियोजित क्षेत्र में काम की कमी होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी का मुख्य कारण अनियोजित क्षेत्र में काम की कमी होती है?
अवसाद के दौरान बेरोजगारी में वृद्धि का क्या मुख्य कारण होता है?
अवसाद के दौरान बेरोजगारी में वृद्धि का क्या मुख्य कारण होता है?
बेरोजगारी की प्राकृवतक दर क्या दर्शाती है?
बेरोजगारी की प्राकृवतक दर क्या दर्शाती है?
अपक्रुत बेरोजगारी क्या होती है?
अपक्रुत बेरोजगारी क्या होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी से संबंधित है जब श्रमिकों की आवश्यकता मौसम के आधार पर होती है?
किस प्रकार की बेरोजगारी से संबंधित है जब श्रमिकों की आवश्यकता मौसम के आधार पर होती है?
Study Notes
गरीबी और बेरोजगारी
- भारत में गरीबी और बेरोजगारी लंबे समय से विकास को बाधित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं।
- देश में क्षेत्रीय असमानता भी एक महत्वपूर्ण कारक है।
- आर्थिक सुधार, औद्योगिक आधार का विस्तार और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग बेरोजगारी को कम करने में मदद कर सकता है।
- सरकारी एजेंसियों को गरीबी उन्मूलन के लिए दीर्घकालिक उपाय खोजने की आवश्यकता है।
- रोजगार के अवसरों का सृजन और आय वितरण में समानता गरीबी और बेरोजगारी की समस्याओं का समाधान करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
गरीबी
- गरीबी को एक ऐसी स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जब लोग अपनी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करने में असमर्थ होते हैं।
- गरीबी को मापने के तरीके देश के अनुसार भिन्न होते हैं।
- भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या से गरीबी को मापा जाता है।
- गरीबी रेखा एक सीमा आय है, जिसके नीचे रहने वाले परिवारों को गरीब माना जाता है।
- भारत में गरीबी रेखा का अनुमान "मार्सक प्रवत व्यर्क्त उपभोग व्यय" (एमपीसीई) के आधार पर लगा है।
- 2009-10 में ग्रामीण क्षेत्रों में 673 रुपये और शहरी क्षेत्रों में 860 रुपये प्रति माह से कम कमाने वाले व्यक्ति को गरीबी रेखा से नीचे रहने वाला माना जाता है।
गरीबी के कारक
- बचत का कम स्तर निवेश को सीमित करता है, जो कम आय और गरीबी के चक्र को जारी रखता है।
- कम संसाधन संपत्ति जैसे भूमि, पूंजी और कुशल श्रम का अभाव गरीबी रेखा से ऊपर की आय को प्राप्त करने में बाधा है।
- गरीबों में मुख्य रूप से अकुशल श्रमिक होते हैं।
- भारत में आय और संसाधनों के वितरण में असमानता है।
- असमानता जाति, लिंग, और शिक्षा या कौशल के स्तर के आधार पर हो सकती है।
बेरोजगारी का मापन
- बेरोजगारी दर काम की तलाश करने वाले श्रम बल का प्रतिशत है।
- बेरोजगारी दर की गणना निम्न सूत्र द्वारा होती है : बेरोजगारी दर = (बेरोजगार श्रमिक / कुल श्रम शक्ति) × 100
- बेरोजगारी को मापने के कई तरीके है जैसे सामान्य मूिधन स्थिवत बेरोजगारी (यूपीएस), बेरोजगारी के चार प्रमुख उपाय (छोटा अवधि, एक सप्ताह, और सप्ताह का हर दिन)
बेरोजगारी के कारण
- अनुर्चत तकनीक: भारत में पूंजी एक दुर्लभ कारक है जबकि श्रम बहुत अधिक है। इसके बावजूद, पूंजी-गहन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है जिससे बड़े पैमाने पर बेरोजगारी होती है।
- श्रम-बचत तकनीक का प्रयोग: कठोर श्रम कानून, श्रम-अशांति, और कौशल की कमी से श्रम की बढ़ती अक्षमता के कारण कंपनियाँ श्रम-बचत तकनीक को अपनाने को प्रोत्साहित होती हैं।
- द्विपूर्थ शैलक्षक प्रर्ािी: अस्तित्व में मौजूद शिक्षा प्रणाली भविष्य के लिए तैयार करने में कमजोर है और उत्पादक उद्देश्यों के लिए सीमित उपयोगिता रखती है। इस कारण, नौकरी चाहने वालों के बीच कौशल और तकनीकी योग्यता के विकास में असंतुलन बनता है। इससे शिक्षित युवा में बेरोजगारी बढ़ी हुई है।
- बुनियादी ढांचे के विकास का अभाव: निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास की कमी से विभिन्न क्षेत्रों की उत्पादक क्षमता सीमित होती है। इससे अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन काफी कम होता है।
- रोजगार का अभाव: भारतीय जनता खराब स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति से जूझती है, जो किसी व्यक्ति की रोजगार करने की क्षमता को कम कर देती है।
भारत में गरीबी
- बढ़ती कीमतों ने पैसे की क्रय शक्ति को कम किया है, जिससे आय का वास्तविक मूल्य कम हुआ है। इससे, निम्न आय वर्ग के लोगों को अपना उपभोग कम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है और गरीबी रेखा से नीचे आ जाते हैं।
बेरोजगारी
- गरीबी का सीधा संबंध बेरोजगारी की स्थिति से है। वर्तमान रोजगार की स्थिति गरीबी के कारण जीवन स्तर को उच्च स्तर पर नहीं रखने देती है।
- उत्पादक रोजगार की कमी मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे, निवेश, ऋण, प्रौद्योगिकी और बाजार समर्थन की समस्याओं के कारण है।
- तीव्र जनसंख्या वृद्धि जीडीपी में नकसी भी विकास दर के लिए प्रति व्यक्ति आय में धीमी वृद्धि लाती है, जिससे औसत जीवन स्तर में सुधार की गति धीमी हो जाती है।
- बढ़ी हुई जनसंख्या वृद्धि खपत को बढ़ाती है और राष्ट्रीय बचत को कम करती है, जिससे रोजगार की कमी रहती है।
- अत्यधिक निर्भरता और गैर-कृषि गतिविधियों की धीमी वृद्धि से रोजगार सृजन सीमित होता हैं।
- श्रम शक्ति में वृद्धि के दो प्रमुख कारण हैं:
- तीव्र जनसंख्या वृद्धि: बढ़ती जनसंख्या से श्रम आपूर्ति में वृद्धि हुई है, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि के बिना बेरोजगारी बढ़ती है।
- सामाजिक कारक: स्वतंत्रता के बाद से, शिक्षा ने अवसरों के लिए लोगों के दृष्टिकोण को बदला है। अब, अधिक लोग श्रम बाजार में नौकरियों के लिए पुरुषों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। अर्थव्यवस्था इन चुनौतियों का जवाब देने में विफल रही है और अंततः युवाओं में बेरोजगारी की समस्या बढ़ती है।
ग्रामीण-शहरी प्रवास
- शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों में प्रवास का परिणाम है। ग्रामीण क्षेत्र कृषि और संबंधित गतिविधियों में असफल रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।
- हालाँकि, शहरों में आर्थिक विकास श्रम बाजार में नए शहरी प्रवासियों के लिए पर्याप्त अवसर पैदा करने में विफल रहा है। कुछ प्रवासी उत्पादक गतिविधियों में लगे हुए हैं और बाकी बेरोजगार श्रमिकों की बड़ी सेना में शामिल हो जाते हैं।
अनुरूप तकनीक
- भारत में, जबकि पूंजी एक दुर्लभ कारक है, श्रम प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन फिर भी, उत्पादक श्रम के बजाय पूंजी का अधिक उपयोग हो रहा है। इस परिणामस्वरूप बड़ी बेरोजगारी होती है।
- श्रम की प्रचुरता के बावजूद, भारत में मुख्तय: कठोर श्रम कानूनों के कारण पूंजी-गहन प्रौद्योगिकी अपनाई जाती है।
- श्रम शक्ति की संख्या को कम करना मुश्किल है।
- श्रम-अशांति और कार्य-संस्कृति की कमी जैसे कारक श्रम की बढ़ती अक्षमता को जन्म देते हैं और इस प्रकार संगठनों को श्रम-बचत प्रौद्योगिकी का पािन करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।
दोषपूर्ण शैक्षणिक प्रणाली
- वर्तमान शैक्षणिक प्रणाली में सैद्धांतिक पूर्वाग्रह हैं और उत्पादक उद्देश्यों के लिए सीमित उपयोगिता है। यह नौकरी चाहने वालों के बीच विभिन्न प्रकार के कामों के लिए आवश्यक योग्यता और तकनीकी योग्यता के विकास पर जोर देता है। इसने प्रासंगिक कौशल और प्रशिक्षण की आवश्यकता और उपलब्धता के बीच एक असंतुलन पैदा किया है, जिसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी हुई है, विशेष रूप से युवाओं और शिक्षितों के बीच, जबकि तकनीकी और विशिष्ट कर्मियों की कमी जारी रहती है।
बुनियादी संरचना विकास का अभाव
- निवेश और बुनियादी संरचना विकास की कमी से विभिन्न क्षेत्रों की वृद्धि और उत्पादक क्षमता सीमित होती है, जिससे अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन के अपरयाप्त असर पैदा होते हैं।
रोजगार का अभाव
- भारतीय जनता खराब स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति का सामना करती है, जो किसी व्यक्ति की रोजगार करने की क्षमता को कम कर देती है और बेरोजगारी का कारण बनती है।
भारत में गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन कार्यक्रम
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम (मनरेगा)
- सरकार के इस प्रमुख कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय स्थिति में हर घर में कम से कम सौ दिन की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना है।
- मनरेगा मजदूरों को श्रम के दौरान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित कार्यों में रोजगार प्रदान करता है, जैसे बांधों का निर्माण और मरम्मत, जल संरक्षण कार्य, गांव की सड़कों का निर्माण , पेड़ लगाना और इमारतों की मरम्मत।
भारत में गरीबी और बेरोज़गारी के कारण
- बढ़ती हुई कीमतों ने पैसे की क्रय शक्ति को कम कर दिया है, जिससे गरीबी रेखा से नीचे आने वालों की संख्या बढ़ रही है।
- गरीबी बेरोजगारी से सीधे जुड़ी हुई है, क्योंकि उत्पादक रोज़गारों की कमी से लोग अपने जीवन स्तर को बनाए रखने में असमर्थ होते हैं।
- तेज़ जनसंख्या वृद्धि प्रतित व्यक्ति आय में धीमी वृद्धि का कारण बनती है, जिससे औसत जीवन स्तर में सुधार धीमा होता है।
- जनसंख्या वृद्धि से खपत बढ़ती है और राष्ट्रीय बचत कम होती है।
बेरोज़गारी के प्रकार
- चक्रीय बेरोज़गारी: अर्थव्यवस्था में मांग में कमी होने पर यह होती है।
- मौसमी बेरोज़गारी: विशेष समय या मौसम पर निर्भर होती है, जैसे कृषि क्षेत्र में।
- संरचनात्मक बेरोज़गारी: अर्थव्यवस्था में बदलाव के कारण होती है, जैसे प्रौद्योगिकी का विकास।
- घर्षण बेरोज़गारी: नौकरी से बाहर होने के बाद नई नौकरी की तलाश में व्यक्ति बेरोज़गार होते हैं।
- बेरोज़गारी की प्राकृतिक दर: घर्षण और संरचनात्मक बेरोज़गारी की कुल राशि।
- प्रच्छन्न बेरोज़गारी: जब लोग काम तो करते हैं, लेकिन उत्पादन में कोई योगदान नहीं करते हैं।
- अल्प रोज़गार: जब लोग कम क्षमता या प्रयासों से काम करते हैं।
बेरोज़गारी का मापन
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बेरोज़गारी दर: बेरोज़गार श्रम बल का प्रतिशत।
बेरोज़गारी दर = (बेरोज़गार श्रमिक / कुल श्रम शक्ति) × 100
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एनएसएसओ भारत में रोज़गार और बेरोज़गारी का डेटा एकत्र करता है.
गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम): ग्रामीण गरीबों को आय उत्पन्न करने वाले अवसर प्रदान करने के लिए।
- स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसवाई): बैंक ऋण और सरकारी सहायता के माध्यम से ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए।
- स्वर्ण जयंती शहरी रोज़गार योजना (एसजेएसवाई): शहरी बेरोज़गारों को रोज़गार प्रदान करने के लिए।
भारत में गरीबी
- भारत में गरीबी को मापने के लिए योजना आयोग राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षणों का उपयोग करता है।
- गरीबी रेखा एक निर्धारित स्तर है, जिसके नीचे की आय वाले परिवारों को गरीब माना जाता है।
- 1979 तक, भारत में गरीबी रेखा की गणना एक विशिष्ट कैलोरी आवश्यकता के आधार पर की जाती थी - ग्रामीण क्षेत्रों में 2,400 कैलोरी और शहरी क्षेत्रों में 2,100 कैलोरी।
- 2009 में, तेंदुलकर समिति ने खाद्य के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, और परिवहन पर खर्च को शामिल करते हुए गरीबी रेखा की गणना बदल दी।
- 2009-10 से योजना आयोग ने तेंदुलकर समिति की सिफारिशों के आधार पर गरीबी रेखा और गरीबी अनुपात को अपडेट किया है।
गरीबी के प्रमुख कारण
- कृषि में कम उत्पादकता: छोटी और बिखरी हुई भूमि, पूंजी की कमी, पारंपरिक खेती के तरीके और शिक्षा की कमी कृषि में उत्पादकता कम करने के लिए जिम्मेदार हैं और ग्रामीण भारत में गरीबी का एक प्रमुख कारण हैं।
- सामाजिक कारक:
- शिक्षा: शिक्षा सामाजिक परिस्थितियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसके साथ, गरीबी और शिक्षा स्तर का एक परस्पर संबंध है।
- जाति व्यवस्था: भारत में जाति व्यवस्था ने हमेशा ग्रामीण गरीबी में योगदान दिया है। ऊँची जाति के लोगों द्वारा निचली जाति के लोगों का शोषण, गरीबी का एक प्रमुख कारण था। अस्पृश्यता ने निचली जातियों की गरीबी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- अनैतिक बेरोजगारी: भारत में अनैतिक बेरोजगारी चक्रीय, मौसमी, संरचनात्मक, घर्षण, प्राकृतिक बेरोजगारी, प्रच्छन्न बेरोजगारी और बेरोजगारी की दरों में विभाजित है।
अनैतिक बेरोजगारी के प्रकार
- चक्रीय बेरोजगारी: जब अर्थव्यवस्था में कम काम की आवश्यकता होती है, तो मांग में कमी के कारण चक्रीय बेरोजगारी होती है। इससे नौकरी में कमी आती है और बेरोजगारी बढ़ती है। मंदी या मंदी के समय इस प्रकार की बेरोजगारी होती है।
- मौसमी बेरोजगारी: यह बेरोजगारी मौसम या ऋतु के आधार पर होती है। कृषि, पर्यटन, होटल, खानपान उद्योगों में यह बेरोजगारी आम है।
- संरचनात्मक बेरोजगारी: जब किसी व्यक्ति की योग्यता उसकी नौकरी की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होती है, तो संरचनात्मक बेरोजगारी होती है। यह अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे में बदलावों के कारण उत्पन्न होता है, जिससे नई तकनीकों के लिए नई नौकरियों की जरूरत होती है।
- घर्षण बेरोजगारी: जब कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ता है और बेहतर नौकरी की तलाश में होता है या नौकरी छोड़ने के बाद नई नौकरी की तलाश में होता है, तो घर्षण बेरोजगारी होती है।
- प्राकृतिक बेरोजगारी: घर्षण और संरचनात्मक बेरोजगारी की कुल दर को प्राकृतिक बेरोजगारी दर कहा जाता है।
- प्रच्छन्न बेरोजगारी: जब कोई व्यक्ति काम करता हुए भी, उत्पादन में कोई योगदान नहीं देता है, तो प्रच्छन्न बेरोजगारी होती है। यह विशेष रूप से पारंपरिक कृषि में परिवार के श्रमिकों के बीच होता है।
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यह क्विज भारत में गरीबी और बेरोजगारी के मुद्दों पर केंद्रित है। इसमें आर्थिक सुधार, सरकारी प्रयासों और क्षेत्रीय असमानता जैसे कारकों की चर्चा की गई है। यह क्विज छात्रों को इस जटिल विषय को समझने में मदद करेगा।